Assam flood: असम के आधे दर्जन से ज्यादा जिले भीषण बाढ़ (Flood) की चपेट में हैं, जिसमें लगभग 60 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं और कई लोगों की मौत हो चुकी है.
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हाफलोंग/गुवाहाटी / शरीफ उद्दीन अहमद: असम में कई दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश और भूस्खलन (incessant rains and massive landslides) से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. पटरियों पर पानी भरने से कई रेलगाड़ियां फंस गई है. गांवों और शहरों में पानी भर गया है. हजारों की तादाद में लोग बेघर हो गए हैं. पीने के पानी और खाद्य सामग्री की भारी किल्लत हो गई है. कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद हो गए हैं. असम के एक बाढ़ प्रभावित इलाके का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बांस के पुल के सहारे नदी को पार करते हुए लोग नदी में बह रहे हैं. बाढ़ की चपेट में आकर अब तक आधे दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, वहीं दर्जन भर से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं.
आसम के 7 जिलों बाढ़ का कहर, आधा दर्जन लोगों की मौत, 1 दर्जन लापता, 60 हजार बेघर, 10 हेक्टेयर की तैयार फसल बर्बाद#AssamFloods pic.twitter.com/R1CeuEdwOu
— Tahir Kamran | طاهر کامران (@TahirBijnori) May 16, 2022
सात जिलों में जन-जीवन प्रभावित
बाढ़ ने सात जिलों-कछार, धेमाजी, होजई, कार्बी आंगलोंग, नलबाड़ी और कामरूप मेट्रो (शहरी बाढ़) में 15 राजस्व मंडलों को प्रभावित किया है. सवूमत आसाम के बक्सा जिले के गोरेश्वर, रंगिया और उसके आसपास के इलाके में भूटान के बारिश के पानी घुसने स्थिति और भी गंभीर हो गई है. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां भी उफान पर पहुंच गई है. कामपुर में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. स्कूल कॉलेज में लड़के बच्चे नहीं जा पा रहे हैं. पीने के पानी का भी बड़ा अभाव हो रहा है. प्रभावित इलाकों के अधिकांश और कुएं पानी में डूब चुके हैं.कार्बी-लंगपी जलविद्युत परियोजना (कोपिली नदी) से पानी छोड़े जाने से नगांव जिले में तबाही मची है, जिससे इसके कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. तिनसुकिया जिले के लाइका और दधिया गांवों के निवासी जलप्रलय के प्रकोप में हैं.
रेल और सड़क मार्ग का टूटा संपर्क
लगातार बारिश की वजह से पटरियों पर जलजमाव होने के कारण असम के लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी खंड में दो दिनों से फंसी दो ट्रेनों के करीब 2800 यात्रियों को निकालने का काम सोमवार को वायु सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से पूरा किया गया. दो ट्रेनें दीमा हसाओ जिले में एनएफआर के लुमडिंग खंड में फंसी हुई थीं. एनएफआर के प्रवक्ता ने गुवाहाटी में कहा कि प्रभावित क्षेत्र में शनिवार से खंड की करीब 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 10 से अधिक अन्य ट्रेनों को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है. लगातार बारिश के बावजूद क्षतिग्रस्त रेल पटरियों की बहाली का काम जोरों पर है. न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन का अधिकांश हिस्सा पानी में डूबा हुआ है. वहां फंसी एक खाली ट्रेन पटरी से उतर गई है क्योंकि नीचे की मिट्टी बह जाने से पटरी उखड़ गई थी. लगातार बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण जिले में सड़क संपर्क भी टूट गया है.
10 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 60,669 लोग बेघर हो गए हैं. वहीं 10321.44 हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है. बुलेटिन में कहा गया है कि प्रभावित लोगों में से 4,330 को सरकार द्वारा स्थापित 20 राहत शिविरों में रखा गया है. विभिन्न प्रभावित जिलों में नौ राहत वितरण केंद्र संचालित हैं. एएसडीएमए (असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के सूत्रों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन ने पांच लोगों की जान ले ली है, जिनमें से तीन की मौत कल दीमा हसाओ जिले में हुई थी. कछार जिले से तीन लोग लापता हैं.
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