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Assam News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के कई सूबों में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है, और संदिग्धों की गिरफ्तारी की जा रही है. इसी कड़ी में असम के राजधानी गुवाहाटी में प्रशासन ने कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ जांच अभियान चला रही है. इस अभियान के तहत D-voter श्रेणी में आने वाले मुसलमानों की भी गिरफ्तारी की जा रही है, जिससे इन लोगों में भय का माहौल है.
दरअसल, असम एक सीमावर्ती राज्य है, जो बांग्लादेश से अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. यही वजह है कि यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या हमेशा से रही है. अब असम में नए सिरे से अभियान चलाए जा रहे हैं, और संदिग्धों को पकड़कर गुवाहाटी के रूप नगर पुलिस रिजर्व में लाया जा रहा है. पकड़े गए संदिग्धों के खिलाफ D-Voter का मामला चल रहा है.
असम में कथित बांग्लादेशी के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के मामले पर गुवाहाटी हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट इलियास ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार करना चाहिए, क्योंकि उनके कारण हमारे असम के इंडीजीनस (मूल निवासी) लोगों को बहुत परेशानी होती है.
बांग्लादेशी की वजह से भारतीय मुसलमानों को न किया जाए परेशान
एडवोकेट इलियास ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से इंडीजीनस लोगों को भी बांग्लादेशी समझा जाता है और उनको D-VOTER बना दिया जाता है. क्योंकि बांग्ला देसी लोग बांग्ला बोलते हैं और यहां के कुछ मुसलमान भी बांग्ला भाषा बोलते हैं. इस वजह से पुलिस मूल असम निवासी को भी बांग्लादेशी समझकर परेशान करती है. इसलिए पुलिस और प्रशासन को इंडीजीनस लोगों को बांग्लादेशी के नाम में हरासमेंट नहीं करना चाहिए.
D -voters को नहीं करना चाहिए गिरफ्तार- सीनियर वकील इलियासी
सीनियर वकील इलियासी ने कहा कि कुछ लोगों का कोर्ट में फॉरेनर मामले पर कैसे चल रहा है और कुछ लोग जमानत में बाहर आए हैं. उन लोगों का खास ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि उन लोगों को अभी विदेशी घोषित नहीं किया गया है. उनके ऊपर अभी मामला कोर्ट में चल रहा है सुप्रीम कोर्ट हो या हाई कोर्ट उसमें लगातार मामला चल रहे हैं. उन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार नहीं करना चाहिए.
गौरतलब है कि D voter यानी defaulter voters की श्रेणी में वैसे लोग होते हैं, जिनपर बांग्लादेशी होने का शक होता है, या उनके पूर्वज बांग्लादेश से घुसपैठ कर के भारत आए हुए होते है. जबतक इन का मामला कोर्ट में चल रहा होता है, या यह प्रूफ न हो जाता है कि आरोपी बांग्लादेशी है, तबतक उन्हें D Voter की श्रेणी में रखा जाता है.
Input-शरीफ उद्दीन अहमद