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ATL Company Jobs Dispute: हरियाणा के नूंह जिले के मेवात क्षेत्र में रोजगार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सीनियर लीडर चौधरी तैयब हुसैन घासेड़िया ने इल्जाम लगाया है कि एशिया की सबसे बड़ी मानी जा रही एटीएल कंपनी ने मेवात के नौजवानों को नौकरी देने के वादे को तोड़ दिया है. उनका कहना है कि अगर जल्द ही स्थानीय नौजवानों को रोजगार नहीं दिया गया, तो इस कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
तैयब हुसैन ने आज को अपने निवास स्थान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 15 साल पहले नूंह जिले के 9 गांवों की करीब 1600 एकड़ जमीन सरकार ने अधिग्रहित की थी. उस वक्त स्थानीय लोगों से वादा किया गया था कि यहां जो भी कंपनियां स्थापित होंगी, उनमें मेवात के युवाओं को रोजगार मिलेगा. लेकिन करोड़ों रुपए की लागत से बनी यह कंपनी अब शुरू हो चुकी है और स्थानीय नौजवानों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है.
उन्होंने इल्जाम लगाया कि एटीएल कंपनी मेवात ही नहीं बल्कि कंपनी के चारों ओर 40 किलोमीटर तक रहने वाले नौजवानों को भी नौकरी नहीं दे रही. उनका कहना है कि मेवात के युवाओं को नौकरी देने के नाम पर उन्हें बाहर बुलाया जा रहा है, जहां उन्हें परेशान किया जाता है और सीधे मना कर दिया जाता है. इससे क्षेत्र के नौजवानों में भारी आक्रोश है.
तैयब हुसैन ने कहा कि जब इस कंपनी का निर्माण शुरू हुआ था, तब मेवात के लोगों को 75 फीसद नौकरी में रिजर्वेशन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब इस वादे को तोड़ दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि मेवात के किसान पिछले डेढ़ साल से अपना बकाया मुआवजा पाने के लिए धरने पर बैठे हैं. वे खुद भी इस धरने का समर्थन करते हैं और किसानों को उनका हक दिलाने की मांग कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जल्द ही अपने साथियों और क्षेत्र के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसमें मांग की जाएगी कि मेवात के युवाओं को कंपनी में रोजगार दिया जाए और किसानों के बचे हुए मुआवजे को भी जारी किया जाए. तैयब हुसैन ने साफ चेतावनी दी कि अगर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो मेवात के लोग एकजुट होकर एटीएल कंपनी के गेट पर ताला लगाएंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि मेवात की जमीन पर बनी कंपनी में मेवात के युवाओं को ही नौकरी से बाहर रखा जा रहा है.