Bangal News: पहलगाम में हुए आतंकी हमले की वजह से कलकत्ता में एक डॉक्टर जो की पिछले 7 महीने से एक मुस्लिम गर्भवती महीला का इलाज कर रहा था, उसने इलाज करने से मना कर दिया, और मुसलमानों को टार्गेट करते हुए कई बातें कही है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Bangal News: पहलगाम में आतंकी हमला में 26 सैलानियों की मौत हो गई, जिससे पूरा मुल्क गुस्से में है, लेकिन इस बहाने भारत के मुसलमानों को टार्गेट किया जा रहा है, बंगाल के कलकत्ता से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. जहां एक डॉक्टर ने गर्भवती महिला को उसेक मुसलमान होने की वजह से इलाज करने से मना कर दिया. इस बात की जानकारी पीड़ित महीला की एक रिश्तेदार एडवोकेट महफूज़ा खातून ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी है.
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि कलकत्ता में मौजूद कस्तूरी दास मेमोरियल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के एक स्त्री रोग विसेषज्ञ डॉ सीके सरकार ने एक मुस्लिम गर्भवती महिला का इलाज करने से मना कर दिया. दावा है कि डॉक्टर ने यह फैसला पहलगाम हमला में हिंदू सैलानियों की मौत की वजह से लिया है.
परिवार वाले कर रहे हैं ये मांग
आरोपी डॉ सीके सरकार ने गर्भवती महीला से कहा कि हिंदू समुदाय को भी तुम्हारे पति को मार देना चाहिए, तब तुम्हें समझ आएगा कि उन्हें कितनी तकलीफ हुई होगी. साथ ही आरोपी डॉ ने यह भी कहा कि मुसलमानों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. पीड़ित महीला के परिवार वालों ने चिकित्सा अधिकारियों, अस्पताल इंतजामिया और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है.
पीड़ित महिला के घर वालों ने बताया कि वह डॉ पिछले 7 महीनों से पीड़ित गर्भवती महीला का इलाज कर रहा था, लेकिन इस हमले के बाद डॉ ने इलाज करने से मना कर दिया. महफूज़ा खातून ने अपने पोस्ट में लिखा कि स्वास्थ्य सेवा एक बुनियादी अधिकार है, न कि धर्म पर अधारित विशेषाधिकार. उन्होंने इस भेदभावपूर्ण रवैया के लिए जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की है.