Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदू प्रिंसिपल को पिछले बुधवार 16 अप्रैल को बिना किसी वजह के बीएनपी के वर्कर्स ने मारा, और पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया गया. उनकी बेटी भावना ने इस घटना की जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Bangladesh News: बांग्ला देश में एक हाई स्कूल के हिंदू प्रिंसिपल को उसके मजहब की वजह से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई की गई और उनपर अपने पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया गया. इस बात की जानकारी उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर लिख कर दी है. इस घटना के बाद से युनूस सरकार में हिंदूओं की सुरक्षा का सवाल फिर से उठने लगा है.
दरअसल, बांग्ला देश के चटगांव के तोबारक अली चौधरी (टीएसी) हाई स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल कांति लाल आचार्य पर खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सदस्यों ने कथित तौर पर मार-पीट की और त्यागपत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया. प्रिंसिपल कांति लाल की बेटी भावना आचार्या ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके पिता के साथ मार-पीट की गई है, और उन्हें स्कूल आने से मना किया गया है. उन्होंने इल्जाम लगाते हुए कहा कि बीएनपी वर्कर्स द्वारा हमले के बाद से उनके पिता बिमार चल रहे हैं.
भावना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उनके पिता कांति लाल आचार्य को जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, जिसमें में लिखा था कि वे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण खूद इस्तीफा दे रहे हैं. लेकिन उनके पिता ने निडरता से कहा कि उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है और वे उस पन्ने पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. कांति लाल ने कहा कि अगर वह कहेंगे कि अपने पद से इस्तीफा दे दों वह बिना किसी हिचकिचाहट के पज छोड़ देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अपराध का सबूत दिखाई जाए. कांति लाल ने कहा कि वह स्कूल जाएंगे भागेंगे नहीं.. भावना ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद एक और पर्चा लिखा गाया, जिसमें लिखा गया कि उनके पिता खूद से इस पद से इस्तीफा दे दिया है.
इस हमले से कांति लाल के परिवार वाले डरे हुए हैं, वहीं, बीएनपी के सदस्यों ने कहा कि बांग्लादेश एक इस्लामिक राष्ट्र होना चाहिए, और यहां गैर-मुस्लिम प्रिंसिपल की कोई जरूरत नहीं है.