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Eid Milad-un-Nabi Dry Day Demand: पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत के 1500 साल होने पर देशभर में जश्न-ए-मिलादुन्नबी की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं. इस बीच भीलवाड़ा में मुस्लिम समजा के लोगों ने राजस्थान सरकार से ईद मिलादुन्नबी के दिन शराब की दुकानें बंद रखने की मांग की है. कांग्रेस शहर महासचिव निसार सिलावट की अगुआई में समुदाय के लोगों ने जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में कहा गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा वित्तीय साल 2025-26 के लिए जो नई आबकारी नीति जारी की गई है, उसमें सिर्फ कुछ विशेष दिनों को ही Dry Day घोषित किया गया है. इनमें गणतंत्र दिवस, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी), महावीर जयंती, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती शामिल हैं. इन मौकों पर पूरे राज्य में शराब की दुकानें बंद रहती हैं. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि उन्होंने कई बार लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाई है कि ईद मिलादुन्नबी को भी ड्राई डे घोषित किया जाए.
मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से इस मांग को मानते हुए आदेश संख्या P4(17) वित्त/आब/2004 जारी किया गया था और राजस्थान में इस दिन शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाती थी लेकिन सरकार बदलने के साथ ही यह फैसला रद्द कर दिया गया. समुदाय का इल्जाम है कि यह न सिर्फ उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है बल्कि शांति और भाईचारे के उस संदेश के भी खिलाफ है, जो ईद मिलादुन्नबी के मौके पर दिया जाता है.
पैगंबर का संदेश और शराब पर रोक
ज्ञापन में आगे कहा गया कि ईद मिलादुन्नबी हमारे पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्मदिन है. उन्होंने हमेशा इंसानियत, भाईचारे और शांति का पैगाम दिया. पैगंबर ने शराब और नशे को हराम बताया और कहा कि यह समाज में व्याप्त सभी बुराइयों की जड़ है. इसी वजह से ईद मिलादुन्नबी पर देशभर में मुस्लिम समुदाय बड़े पैमाने पर जुलूस और जलसे निकालता है. राजस्थान के सभी जिलों और शहरों में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. ऐसे मौके पर शराब की दुकानें खुली रहने से धार्मिक माहौल प्रभावित हो सकता है.
अंडे और मांस की बिक्री पर रोक
गौरतलब है कि राजस्थान में पर्युषण पर्व और अनंत चतुर्दशी के मौके पर अंडे और मांस की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. सरकार ने इसके लिए एक आदेश जारी किया था. इस आदेश का असर भी देखने को मिला था. 27 अगस्त से लेकर 6 सितंबर तक राज्य में अंडे और मांस की बिक्री पर रोक लगी हुई है. इससे पहले भी नवरात्र के मौके पर भी मांस की बिक्री पर भी रोक लगी थी.