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नई दिल्ली: बिहार विधानसभ चुनाव में सभी सियासी पार्टियों के नेता अपने वोटर्स को लामबंध करने में जुट गए हैं. एक दूसरे पर तीखे हमले, तंज और चरित्रहनन करने से भी नहीं चूक रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के सांसद अशोक कुमार ने सोमवार को दरभंगा के केवटी में मुस्लिम वोटर्स पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वो NDA को वोट नहीं देते हैं, तो फिर उन्हें बिहार या केंद्र में NDA सरकारों से मिलने वाले लाभ या किसी दूसरी तरह की योजनाओं का फायदा उठाना छोड़ देना चाहिए..
दरअसल, मुस्लिम वोटर्स पर कथित तौर पर की गई अपनी एक पुरानी टिप्पणी पर सफाई देते हुए सांसद अशोक कुमार ने कहा कि अगर वोटर्स राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को वोट देने के लिए तैयार नहीं हैं, तो उन्हें सरकार की चल रही योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए. सांसद ने कहा," हमें सभी समुदायों से वोट मिलते भी हैं, लेकिन जहाँ भी मुसलमान बहुसंख्यक हैं, या जो 'विशुद्ध-मुस्लिम बूथ', वहाँ हमें एक भी वोट नहीं मिलता है." इसलिए, मैंने कहा कि अगर उन्हें नरेंद्र मोदी से इतनी नफ़रत है, तो सरकारी योजनाओं से मिलने वाले सभी लाभों को छोड़ दें.
वहीं, इससे पहले, मुरारी मोहन झा के लिए प्रचार करते हुए, भाजपा सांसद यादव ने दावा किया कि जब भी वह दरभंगा के इलाके में चुनाव होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे पाकिस्तान की सीमा पर हैं. उन्होंने मतदाताओं से कहा कि जब केवटी में चुनाव होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे हम पाकिस्तान की सीमा पर हैं."
इस काचुनावी सभा में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद थे. दरभंगा ज़िले की केवटी विधानसभा सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबला होने वाला है, जहाँ भाजपा के मुरारी मोहन झा अपनी सीट बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी सात पर राजद उम्मीदवार फ़राज़ फ़ातमी, जन सुराज उम्मीदवार बिल्टू सहनी और एआईएमआईएम उम्मीदवार मोहम्मद अनीसुर रहमान भी अपनी -अपनी जीत हासिल कर विधायक को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं.
गौरतलब है केवटी सीट पर मुरारी मोहन झा से पहले, राजद के फ़राज़ फ़ातमी ही इस सीट का प्रतिनिधित्व करते थे. इस वजह से इस बार का चुनावी मुकाबला कांटे का हो गया है. बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएँगे.
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