Life Motivation: बिहार के भागलपुर में एक महिला अपनी तीन माह की बेटी को लेकर गंगा नदी में कूदने जा रही थी, तभी दारोगा सिकंदर कुमार ने उन्हें बचा लिया. इंसान की ज़िन्दगी में मुश्किल हालात आते हैं, लेकिन वो हमेशा के लिए नहीं होते हैं. आप उससे एक दिन ज़रूर निकल जाते हैं, लेकिन कुछ लोग परिथितियों से हार मान लेते हैं. इस लेख में पढ़ें कि कैसे मुश्किल हालत में भी पॉजिटिव अप्रोच से हर मुश्किल को आसान किया जा सकता है.
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जीवन अनमोल है. यानी इसकी कीमत किसी चीज़ से आंकी नहीं जा सकती है. एक इंसान के जीवन के आगे हीरे की खान भी मिट्टी के एक ढेले का बराबर है. इसलिए हर हाल में अंतिम सांस तक अपनी ज़िन्दगी की हिफाज़त करें. हिफाज़त इसलिए भी करें, क्योंकी आप जो हैं, वो कोई दूसरा नहीं है.आपकी जगह इस धरती पर कोई दूसरा नहीं ले सकता है. आप लोहे या किसी अन्य धातु के बने कोई मशीन नहीं है, जो उसे रिप्लेस किया जा सके. आपके जैसा पीस इस दुनिया में फिर कभी दोबारा नहीं आएगा.आप भी नहीं आएँगे. ये जीवन सिर्फ एक बार मिलता है.
इसलिए कहा गया है इंसान भगवान् की सबसे सुन्दरतम रचना है. जब आप अपनी जान की हिफाज़त कर रहे होते हैं, अपना जीवन जी रहे होते हैं, तो भगवान् की इच्छाओं का पालन कर रहे होते हैं.
इंसान की ज़िन्दगी में कई बार विकट परिस्थितियां आती है. आदमी उनमें उलझ जाता है. उससे बाहर निकलने का रास्ता भूल जाता है. वो टूट जाता है. हार मान लेता है. फिर आखिरी विकल्प के तौर पर अपना जीवन खुद से खत्म कर लेता है.
ये सब इसलिए होता है कि आप वास्तविक जीवन नहीं बल्कि एक छद्म जीवन जी रहे होते हैं. आप खुद को एक बड़ा आदमी, संपन्न आदमी, इज्ज़तदार आदमी, ज्ञानी आदमी, लोकप्रिय आदमी, सबका प्रिय आदमी मानने की भूल कर बैठते हैं! खुद को एक ख़ास आदमी मान लेते हैं.
मान लो कुछ ऐसा- वैसा हो भी गया जिसकी उम्मीद नहीं थी तो क्या हुआ?
एग्जाम में फेल कर गए,
एग्जाम में अच्छे मार्क्स नहीं मिले.
मनचाही सफलता नहीं मिली.
लड़की/लड़के ने प्यार में धोखा दे दिया..
लड़की/ लड़के ने मर्ज़ी से दूसरी जाति/ धर्म में विवाह कर लिया.
बीवी/ पति ने साथ छोड़ दिया.
मुक़दमे में हार हो गयी.
व्यापार चौपट हो गया.
क़र्ज़ अदा नहीं हो पा रहा.
किसी ने घनघोर बेईज्ज़ती कर दी..
लंबी नाक कट गई.
नाहक बदनाम हो गए.
पलभर में गुमान टूट गया.
बिमारी ठीक नहीं हो रही है.
विडियो/ ऑडियो लीक हो गया!
तो क्या हुआ? क्या ये सब आपके साथ एकेले हो रहा है? रोज़ लाखों करोड़ों लोग इस समस्या से जूझ रहे होते हैं. ये 8 अरब की आबादी वाली दुनिया हैं. आप इस भीड़ में कुछ नहीं हैं, लेकिन यहाँ आपके लिए मौके ही मौके हैं.
क़र्ज़ अदा नहीं हो पा रहा, आखिरी बार एक बार फिर क़र्ज़ लीजिये और कहीं दूर भाग जाइए. बिमारी ठीक नहीं हो रही है यानी आप सही इलाज तक अभी नहीं पहुंचे हैं. लड़की/लड़के ने प्यार में धोखा दे दिया..यानी आपके सामने अनंत संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं! विडियो/ ऑडियो लीक हो गया तो ये तो डॉक्टरेट विडियो है!
याद रखें, यहाँ हर कुछ परिवर्तनशील है. हर क्षण सब कुछ बदलता रहता है, जैसे आप बदल रहे हैं. आपकी स्थितियां बदलती रही है, और यहाँ तक पहुँच गई है. जो कल था, वो आज नहीं है. जो आज है वो कल नहीं रहेगा. एक दिन सबको मर जाना ही है, तो फिर खुद से जाने की इतनी जल्दी क्यों है? जब आये नहीं थे खुद से तो जाएंगे भी नहीं!
बिहार के भागलपुर का एक दारोगा सिकंदर कुमार ये बात समझता है, लेकिन जीरा देवी ये बात नहीं समझती है. तभी तो उसने अपनी बेटी को साथ में लेकर गंगा नदी में कूदने जा रही थी, लेकिन ऐन मौके पर दारोगा सिकंदर कुमार ने उसे पकड़ लिया, और दो जिंदगियां बचा ली.
नवगछिया, राघोपुर बहतरा की जीरा देवी का पति सौरव किसी दूसरी लड़की से बात करता है. इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता है.पति ने कह दिया जाओ मेरे घर से और कहीं जाकर मर जाओ.जीरा देवी 5 साल के बेटे को घर छोड़कर 3 महीने की बेटी के साथ नदी में कूद रही थी, तभी पकड़ ली गई..
आपके अंदर या किसी परिचित के अंदर कोई जीरा देवी पनप रही है, तो विचार कीजिये और दारोगा सिकंदर कुमार को शाबाशी दीजिये!
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