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नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में जहां अभी तक महागठबंधन और एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है, वहीँ, प्रतिद्वंद्वी दलों की नज़र में पोलिटिकल स्टार्ट अप और भाजपा की बी टीम माने जाने वाली जन सुराज पार्टी ने गुरुवार को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. हालांकि, इस लिस्ट के जारी होते ही इस पार्टी में भी कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गयी है.
ख़ास बात यह है कि जन सुराज ने उमीदवारों की अपने पहली लिस्ट में 51 सीटों के लिए नामों का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में 7 सीट पर अतिपिछड़ा (EBC), 11 पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवार 6 अल्पसंख्यक (Minority) समाज के उम्मीदवार 7 सुरक्षित उम्मीदवार शामिल हैं. इससे पहले जन सुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज को उनकी आबादी के आधार पर 40 सीटें देने का ऐलान किया था. जन सुराज के वरिष्ठ नेता मोनाजिर हसन ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जन सुराज मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक शक्ति देने के लिए पाबन्द है.
मोनाजिर हसन ने इस ऐलान के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कांग्रेस, जदयू सहित अन्य सेक्युलर पर निशाना साधते हुए कहा था कि सभी दल सिर्फ मुस्लिम समाज को ठगने का काम कर रहे हैं, उहें सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.
गौरतलब है कि जन सुराज पार्टी शुरू से ही अपना टारगेट मुस्लिम वोटर्स पर फोकस कर काम कर रही है. बिहार में चलाये जा रहे अपने पैदल यात्रा अभियान में या फिर पार्टी की लोकल यूनिट में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम नौजवानों को जोड़ने का काम कर रही है. एक तरह से जन सुराज पार्टी मुस्लिम वोटर्स के बीच राजद, कांग्रेस और JDU के विकल्प के तौर पर खुद को पेश कर रही है.
जन सुराज पार्टी ने वादे के मुताबिक पहली लिस्ट में ही 6 अल्पसंख्यक उमीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. जन सुराज ने बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. जिन मुस्लिम उमीदवारों के नामों का अभी ऐलान किया गया है, उनमें बेनीपट्टी से मोहम्मद परवेज आलम, कोचाधामन से अबु फारूक, अमनौर से अरफोज आलम, बायसी से शाहनवाज आलम , दरभंगा (ग्रामीण) से शोएब खान, के नाम शामिल हैं.
अगर पार्टी वादे के मुताबिक 40 मुस्लिम उमीदवारों की घोषणा करती है, तो इससे राजद और JDU पर भी दबाव बढ़ जाएगा. वो भी ज्यादा मुस्लिम उमीदवार मैदान में उतार सकती है. हालांकि, जनसुराज के मुकाबले में दूसरे दलों के सामने मुस्लिम उमीदवार उतारने में बड़ी चुनौती हो सकती है. क्यूंकि अभी तो जनसुराज में ही बाकी लिस्ट आना शेष है, और अभी से बगावत भी शुरू हो गयी है.
गुरुवार को जैसे ही पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट जारी की समर्थकों ने हंगामा कर दिया. जमकर नारेबाजी होने लगी. समर्थकों ने कई सीटो को लेकर आपत्ति जताई है. उनका इलज़ाम है कि आरसीपी सिंह के इशारों पर लिस्ट तैयार की गयी है. कई योग्य उमीदवारों को टिकट न देकर अपने चहेतों को टिकट दे दिया गया है. बेनीपट्टी से अवध किशोर झा के कुछ समर्थक टिकट न मिलने से नाराज़ हैं. नालंदा के कुछ विधानसभा को लेकर भी नाराज़गी सामने आई है. ये भी दावा किया जा रहा है कि टिकट न मिलने पर कुछ नेता पार्टी से इस्तीफ़ा भी दे सकते हैं.
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