Arif Mohammad Khan on Waqf Act: वक्फ बिल को लेकर देशभर में गर्म माहौल है. सरकार जहां इसे सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का कहना है कि यह बिल अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को कमजोर करता है. संसद से लेकर सड़क तक इस पर बहस छिड़ गई है.
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Arif Mohammad Khan on Waqf Act: देशभर में वक्फ बिल को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. नेता भी इस बिल पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. सत्ता पक्ष इस बिल का समर्थन कर रहा है. वहीं विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है. इस बीच बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि वक्फ अधिनियम में बदलाव की लंबे समय से जरूरत थी, क्योंकि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है.
यहां ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम फ्रंट’ की एक सभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा, ‘‘पहले वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का इस्तेमाल गरीबों के लाभ के लिए किया जाता था लेकिन अब इन संपत्तियों का धर्मार्थ उद्देश्यों के इस्तेमाल करने के बजाय निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है.’’
राज्यपाल ने कही बड़ी बात
उन्होंने कहा कि पटना में कई वक्फ बोर्ड हैं, लेकिन उनमें से एक भी ऐसा नहीं है जो बेसहारा लोगों की मदद के लिए अनाथालय या अस्पताल संचालित कर रहा हो. राज्यपाल ने कहा, ‘‘पटना में वक्फ के कई भूखंडों में अब मॉल और आवासीय परिसर जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं. इसलिए, वक्फ (संशोधन) अधिनियम में बदलाव काफी समय से लंबित थे.’’
सुप्रीम कोर्ट में हो रही है सुनवाई
इससे पहले, खान ने कहा था कि वक्फ बोर्ड के कामकाज में काफी सुधार की जरूरत है और संसद द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक इस दिशा में एक ठोस कदम है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर सुनवाई जारी है, जिसमें कई याचिकाओं के माध्यम से इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई हैय इन याचिकाओं में यह तर्क दिया गया है कि यह अधिनियम धार्मिक समुदायों को अपने मामलों का प्रबंधन करने के अधिकार का उल्लंघन करता है.