Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2881061
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंBihar Election 2025: राजद का गढ़ है सीवान का ये सीट, मुस्लिम-यादव की जुगलबंदी से लगती है नैया पार

Bihar Election 2025: राजद का गढ़ है सीवान का ये सीट, मुस्लिम-यादव की जुगलबंदी से लगती है नैया पार

Siwan Assembly Election 2025: बिहार में इसी साल विधानसभा इलेक्शन होने हैं. वहीं, 2025 में सीवान विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सुर्खियों में है.  सीवान लोकसभा सीट के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक, सीवान विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से किसी एक पार्टी का स्थायी गढ़ नहीं रहा है.

Bihar Election 2025: राजद का गढ़ है सीवान का ये सीट, मुस्लिम-यादव की जुगलबंदी से लगती है नैया पार

Siwan Assembly Election 2025: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इस चुनाव के नतीजों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोग अपनी-अपनी विधानसभा सीटों का विश्लेषण कर रहे हैं कि किस पार्टी का उम्मीदवार वहां से जीतेगा और किस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में आज हम आपको सीवान विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां से पूर्व सांसद और बाहुबली नेता शहाबुद्दीन का नाम काफी चर्चा में है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस सीट पर किस पार्टी का कब्जा है. आइए जानते हैं.

2025 में सीवान विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सुर्खियों में है.  सीवान लोकसभा सीट के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक, सीवान विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से किसी एक पार्टी का स्थायी गढ़ नहीं रहा है. यहां के लोगों ने बार-बार सत्ता परिवर्तन किया है, जो दर्शाता है कि परिस्थिति के अनुसार उनकी पसंद और प्राथमिकताएं बदल सकती हैं. यही वजह है कि इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला हमेशा दिलचस्प और कड़ा होता है.

2020 के विधानसभा इलेक्शन के आंकड़ों के मुताबिक, सीवान विधानसभा में कुल रजिस्टर्ड वोटर्स 3,11,523 थे. इनमें से 80,373 यानी लगभग 25.80 फीसद मुस्लिम मतदाता हैं. यह संख्या इतनी बड़ी है कि किसी भी उम्मीदवार की जीत-हार को सीधे प्रभावित कर सकती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 3,20,094 हो गई है, जिससे मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव और भी महत्वपूर्ण हो गया है. मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव ख़ास तौर पर शहरी इलाकों और कुछ ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा है. यहां मुस्लिम मतदाता पारंपरिक रूप से राजद और कांग्रेस जैसी पार्टियों के साथ रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में बीजेपी और जदयू ने भी इस वर्ग में सेंध लगाने की कोशिश की है.

Add Zee News as a Preferred Source

2020 का चुनाव और मुस्लिम वोट
2020 के विधानसभा इलेक्शन में बीजेपी की हार सिर्फ 1,973 वोटों से हुई थी. उस चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने काफी हद तक राजद के पक्ष में मतदान किया. राजद उम्मीदवार अवध बिहारी चौधरी ने जीत दर्ज की थी. अवध बिहारी चौधरी इस सीट से लगातार 6 बार विधायक रह चुके हैं. माना जाता है कि वह पूर्व सांसद और बाहुबली नेता शहाबुद्दीन परिवार के काफी करीबी है, जिसके कारण उनको मुसलमानों का जमकर समर्थन मिलता है. माना जाता है कि भाजपा उम्मीदवार को आंतरिक कलह और टिकट कटने के कारण नुकसान उठाना पड़ा, जिसका सीधा फायदा विपक्ष को मिला.

2024 लोकसभा चुनाव का संकेत
2024 के लोकसभा चुनाव में जद(यू) ने सीवान विधानसभा क्षेत्र में 9,548 वोटों की बढ़त ली. यह बढ़त एनडीए के लिए राहत की बात है, लेकिन विधानसभा चुनाव का गणित अलग होता है. लोकसभा में मोदी फैक्टर और बड़े राष्ट्रीय मुद्दे काम करते हैं, जबकि विधानसभा में स्थानीय समीकरण, उम्मीदवार की छवि और जाति-धर्म का बैलेंस निर्णायक भूमिका निभाता है.

चुनाव में मुस्लिम फैक्टर
2025 के विधानसभा चुनाव में सभी दल मुस्लिम वोटों को साधने की कोशिश करेंगे. राजद MY समीकरण पर फोकस करेगा और पिछली जीत को दोहराने की कोशिश करेगा. वहीं, NDA विकास, कानून-व्यवस्था और मोदी-नीतीश की जोड़ी के भरोसे मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेंगे. खासकर जद(यू) का सॉफ्ट इमेज मुस्लिम वर्ग को आकर्षित कर सकता है.

कितने फीसद हुई वोटिंग
सीवान में सामान्य तौर पर मतदान फीसद 54 से 57 के बीच रहता है. ऐसे में अगर मुस्लिम वोटरों का पोलिंग प्रतिशत ज्यादा होता है, तो परिणाम पर बड़ा असर पड़ सकता है. चूंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष का वोट शेयर लगभग बराबरी पर है, इसलिए 2-3 फीसद वोट का उतार-चढ़ाव ही सीट का फैसला कर सकता है.

About the Author
author img
Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

TAGS

Trending news