Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल एक बार फिर संसद भवन में पेश होने वाला है. इसी बीच राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष का कहना है कि वक्फ बिल के जरिए वक्फ बोर्ड को कमजोर करने की साजिश की जा रही है. वहीं, जेपीसी के सदर जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर राजनीति करने का इल्जाम लगाय है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल को एक बार फिर से बुधवार को संसद में पेश किया जा सकता है. वक्फ बिल पेश होने से पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है. विपक्षी दलों के नेता वक्फ बिल के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, और उसे रोकने के लिए रणनीति बना रहे हैं. इस बीच वक्फ बिल बनी संयुक्त संसदिय कमेटी के सदर जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है, और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर इल्जाम लगाया है कि वह रमजान के पाक महीने और मस्जिदों का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहे हैं.
दरअसल, वक्फ बिल के विरोध में विपक्षी दलों और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने राजधानी दिल्ली समेत कई मुल्क के की राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया है. रमजान के आखिरी जुमा अलविदा और ईद के नमाज पर मुस्लिम समुदाय ने वक्फ बिल के खिलाफ विरोध जाहिर करते हुए काली पट्टी पहन कर नमाज अदा किया है. इस पर जगदंबिका पाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कभी-भी किसी नमाज में काली पट्टी बांधी गई थी? उन्होंने आगे कहा कि मस्जिद में ऐसा करना अल्लाह के खिलाफ जाने जैसा नहीं है क्या?
वक्फ बोर्ड पर कंट्रोल करना चाहती है सरकार
समजवादी पार्टी, कांग्रेस, डीएमके, आरजेडी समेत कई पार्टियों ने इस बिल को संविधान के खिलाफ बताया है, और मुसलमानों की मजहबी आजादी पर हमला करार दिया है. समजवादी पार्टी के सदर अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है, और कहा कि वह इस बिल के खिलाफ पहले भी थे, अब भी हैं, और आगे भी रहेंगें. उन्होंने सरकार पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वह वक्फ बिल के जरिए वक्फ की संपत्तियों पर पूरी तरह से अपनी कंट्रोल चाहती है.
वक्फ बिल से मुसलमानों को होगा फायदा
इसके बाद भाजपा सांसद और संयुक्त समिति के सदर जगदंबिका पाल ने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि समिति की रोपोर्ट पढ़ें और बताएं कि इससे मुस्लिम समाज को कहां नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमारी 428 पन्नों की रिपोर्ट पढ़ लें, फिर बताएं कि इस बिल में कौन सा प्रावधान है, जिससे मुस्लिम समाज को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड की बेहतरी, और पारदर्शिता के लिए लाया गया है, ताकि मुस्लिम महिलाओं, मस्लिम बच्चों, पासमांदा मुस्लिम समाज को फायदा मिल सके.
जगदंबिका पाल ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर लगाया गंभीर इल्जाम
वक्फ संशोधन समिति के सदर जगदंबिका पाल ने कहा कि इस समिति में AIMIM पार्टी के सदर असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल थे. लेकिन उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कहने पर काली पट्टी बांधी थी. उन्होंने विपक्षी दलों पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वह लोग मुस्लिम समाज को वोट बैंक समझते है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ बिल पर मुस्लिम समाज को गुमराह कर रहा है.
गौरतलब है कि वक्फ बिल पर संसद में बवाल के बाद जेपीसी का गठन कर दिया गया था. इसमें विपक्षी दल भी थे. समति ने वक्फ संसोधन बिल को गहराई से जांच करने के बाद 14 संशोधनों के साथ संसद में पेश किया था. लेकिन विपक्षी नेताओं ने इल्जाम लगाया था कि समिति ने उनकी बातों और सुझावों को अंदेखा किया है, और संशोधन में शामिल नहीं किया है. इस लिए एक बार फिर इसी जांच के लिए भेजा गया था, अब बुधवार को वक्फ बिल को संसद में फिर से पेश किया जाएगा.