भाजपा MP किरण खेर को हुआ ब्लड कैंसर, जानिए क्या होते हैं इसके लक्षण और इलाज

सबसे पहले तो यह बता दें कि ब्लड कैंसर तीन प्रकार होता है. पहला होता है "ल्यूकेमिया", दूसरा- "लिम्फोमा" और तीसरा "मायलोमा" होता है.

भाजपा MP किरण खेर को हुआ ब्लड कैंसर, जानिए क्या होते हैं इसके लक्षण और इलाज
फाइल फोटो

नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अनुपम खेर (Anupam Kher) की पत्नी और चंडीगढ़ से भाजपा एमी और किरण खेर (Kirron Kher) को ब्लड कैंसर (Blood Cancer) हो गया है. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई के एक अस्पातल में दाखिल कराया गया है. यह जानकारी उनके पति अनुपम खेर ने दी है. 

अनुपम खेर ने अपने ट्वीट में लिखा कि किरण मल्‍टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) यानी एक तरह के ब्‍लड कैंसर से पीड़‍ित हैं. वह अभी इलाज करवा रही हैं और हमें पूरा यकीन है कि वह पहले से भी ज्यादा मजबूत बनकर इससे बाहर आएंगी. उन्होंने यह भी बताया कि किरण की देखरेख में बेहतरीन डॉक्‍टरों की टीम लगी हुई है. 

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क्या होता है ब्लड कैंसर
सबसे पहले तो यह बता दें कि ब्लड कैंसर तीन प्रकार होता है. पहला होता है "ल्यूकेमिया", दूसरा- "लिम्फोमा" और तीसरा "मायलोमा" होता है. ब्लड कैंसर शरीर में खून अस्थि मज्जा और लिम्फैटिक सिस्टम पर बहुत भयानक असर डालता है. बात अगर इसके लक्षण की करें तो इस बीमारी में बेहद आम लक्षण पाए जाते हैं. 

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बेहद आम होता ब्लड कैंसर के लक्षण
एक जानकारी के मुताबिक ब्लड कैंसर के लक्षणों में इंसान को थकावट महसूस होती है. सांस लेने में तकलीफ होती है, बेचैनी बढ़ती है और मसूढ़ों से खून भी आ सकता है. एक जानकारी के मुताबिक लगातार उल्टियां और रात में पसीना भी आता है. ब्लड कैंसर के अहम लक्षणों में से एक लक्षण यह भी है कि इस बीमारी बजन तेजी से कम होने लगता है. आंखों में धुधलापन, कमर पेट और हड्डियों में दर्द भी महसूस होता है. ये सब बेहद आम लक्षण है.

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कैसे होता है ब्लड कैंसर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लड कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है इसकी कोई उम्र सीमा नहीं है. बल्ड कैंसर होने पर कैंसर के सैल्स मरीज के शरीर में खून नहीं बनने देते. मरीज को, जिस वजह से मरीज में खून की कमी होने लगती है. शरीर के खून के साथ कैंसर व्यक्ति की बोन मैरो को भी नुकसान करता है. 

क्या है ब्लड कैंसर का इलाज
कहा जाता है कि कैंसर जिस भी प्रकार हो उसकी स्टेज बहुत अहम होती है. जैसे पहली, दूसरी या फिर एडवांस स्टेज. इसलिए कभी आपको अपनी सेहत को लेकर कोई संदेह हो तो जांच कराने में लापरवाही न बरतें. 

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एक खबर के मुताबिक ब्लड कैंसर में प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं. अगर मरीज में प्लेटलेट्स 25 हजार से कम हैं, तो यह चिंता  विषय बन जाती है. मरीज़ में प्लेटलेट्स अगर 30 हजार से अधिक है, तो फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है. 25 हजार से कम होने की सूरत में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ती है. उसमें भी यह ख्याल रखना पड़ता है कि मरीज का शरीर इसे ग्रहण कर पा रहा है या नहीं. क्योंकि यह प्लेटलेट्स फिर कम हो जाती हैं. 

ब्लड कैंसर का इलाज अब भारत के कई अस्पतालों में मौजूद है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बायोलॉजिकल थैरेपी के जरिए कैंसर को खत्म किया जा सकता है. कीमोथैरेपी और बोन मैरो ट्रांस्प्लांटेशन के अलावा रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट भी इसके इलाज में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं. 

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