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सोनीपत: हाथों की लकीरों में नहीं कुछ भी, क्योंकि किस्मत तो उनकी भी होती है, जिनके हाथ नहीं होते. हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले मोहित पर यह वाक्य बिल्कुल सटीक बैठता है, फर्क सिर्फ इतना है, कि मोहित के हाथ तो बहुत ताकतवर हैं लेकिन उनका एक पैर नहीं है. मोहित पैदाइशी ऐसे नहीं थे, बल्कि बहुत गंभीर बीमारी कैंसर की वजह से उन्होंने अपना पैर खोना पड़ा.
मोहित ने कैंसर जैसी भयानक बीमारी से लड़ाई लड़ी और जीते भी, वो भी एक नहीं दो बार. आप और हम अक्सर कुछ करने की सोचते हैं लेकिन थोड़ी-सी परेशानी आने पर हार मान लेते हैं. लेकिन जब आप मोहित के बारे में पढ़ लेगें तो यकीन मानिए आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे.अफसोस इस बात का है, कि हम और आप तो इस बारे में सोच रहे हैं लेकिन, जिन्हें सोचना चाहिए उनकी तरफ से कोई जवाब ही नहीं आया.
मोहित ने बॉडी बिल्डिंग करने के बाद खुद को इस काबिल बना लिया कि एक पैर नहीं होने के बाद भी वह किसी, दो पैर वाले इंसान से ज्यादा काम अच्छे तरीके से कर सकते हैं. हरियाणा हुकूमत को लिखित में नौकरी की अर्जी देने के बाद उन्हे उम्मीद थी, कि सरकार जरूर उनके हौसले को देखते हुए उनके लिए कोई न कोई रोज़गार मुहैया करवा देगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
मोहित की हुसूलियाबियां
आप इस बात को अब आसानी से समझ पाएगें कि आखिर मोहित का जज़्बा कैसा है. इतना सब कुछ होने के बाद भी मोहित ने बड़ी बिल्डिंग में
10 गोल्ड, 6 सिल्वर, और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं, मिस्टर वर्ल्ड का खिताब अपने नाम कर चुके हैं, 2021 में मुंबई में होने वाली चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटे हैं. वह भी तब, जबकि बीमारी के चलते उनका एक पैर काटना पड़ा था.