दिल्ली तशद्दुद: जावेद अख्तर के ट्वीट पर बोले यूज़र, क़यामत के दिन क्या मुंह दिखाओगे अल्लाह को

दिल्ली में तशद्दुद की सतह किस क़दर बढ़ गई है. सभी कपलि मिश्रा बेपर्दा हो रहे हैं. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि दिल्ली के आम शहरियों को ये यकीन दिलाया जा सके कि ये सब CAA के खिलाफ मुज़ाहिरों की वजह से हो रहा है. कुछ वक्त बाद दिल्ली पुलिस इसका हल निकालेगी.

दिल्ली तशद्दुद: जावेद अख्तर के ट्वीट पर बोले यूज़र, क़यामत के दिन क्या मुंह दिखाओगे अल्लाह को
फाइल फोटो...

नई दिल्ली: शहरियत तरमीमी कानून (CAA) को लेकर शुमाल-मश्रिकी दिल्ली पूरी तरह सुलग रही है. यहां पीर से ही पथराव की वारदाते सामने आ रही हैं और यह तशद्दुद इतना आगे बढ़ गया कि इसमें अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 76 लोग ज़ख्मी हो चुके हैं. अब इस मामले को लेकर मशहूर मुसन्निफ जावेद अख्तर ने एक ऐसा ट्वीट किया है जिसे लेकर वो सोशल मीडिया सारिफीन के निशाने पर आ गए हैं. लोग उन पर आग में घी डालने जैसे इल्ज़ामाल लगा रहे हैं.

जावेद अख्तर ने ट्वीट में लिखा कि दिल्ली में तशद्दुद की सतह किस क़दर बढ़ गई है. सभी कपलि मिश्रा बेपर्दा हो रहे हैं. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि दिल्ली के आम शहरियों को ये यकीन दिलाया जा सके कि ये सब CAA के खिलाफ मुज़ाहिरों की वजह से हो रहा है. कुछ वक्त बाद दिल्ली पुलिस इसका हल निकालेगी.

जावेद अख्तर के इस ट्वीट के बाद एक यूज़र ने एक फोटो कमेंट किया, जिसमें एक नौजवान सरेआम बंदूक दिखा रहा है और इस फोटो की कैप्शन में यूज़र ने लिखा कि यह कौन हो फिर, सूफी कलाम गाने वाला, शर्म करो, खुदा को क्या मुंह दिखाओगे क़यामत के दिन.

एक दूसरे यूज़र ने लिखा कि इनके शाहरुख़ ने पुलिस का क़त्ल कर दिया लेकिन उसके बारे में नहीं बोलेंगे ये, पुलिस वाला मर गया उससे इन्हें कोई फर्क़ नहीं पड़ता, इनके जैसे लोग ही मुल्क में मुसलमानों की बुरी हालत के जिम्मेदार हैं.

वहीं एक दीगर यूज़र ने लिखा कि कपिल मिश्रा ने रास्ता छोड़ने को कहा तो दंगा भड़काना हो गया. वारिस पठान "100करोड़ VS 15 करोड़" वाली धमकी देकर भाईचारा मज़बूत कर रहा था.

जावेद अख्तर को निशाना बनाते हुए एक और यूज़र ने लिखा कि एक पुलिस वाले की मौत पर कोई कुछ नहीं बोल रहा. दहशतगर्द की मौत पर सारे बोलने आ जाते है.

एक दीगर यूज़र ने लिखा कि तुम और तुम्हारा परिवार मौक़ा देखकर सेक्युलर, कम्युनल बन जाता है. फ़िल्म रिलीज़ करनी हो तो मुहिब्बे-वतन बन जाता है. तुम शाहीन बाग़, जाफराबाद, चांद बाग़ पर चुप थे. वाह रे बुद्धिजीवी. वहीं एक यूज़र ने जावेद अख्तर पर आग में घी डालने का इल्ज़ाम लगाया है.