51 लाख में बिकी पाकिस्तान का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने वाली भैंस सरस्वती,अब पंजाब की बनेगी शान

दिसंबर 2019 में किसान सुखबीर ढांडा की सात साला भैंस सरस्वती ने पंजाब में मुनाकिद किए गए मुकाबले में पाकिस्तान का आलमी रिकार्ड तोड़ा था. जिसके बाद पूरे हरियाणा में चर्चा का सबब बन गई थी सरस्वती

51 लाख में बिकी पाकिस्तान का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने वाली भैंस सरस्वती,अब पंजाब की बनेगी शान

हिसार- पाकिस्तान को कई मामलों में हिंदुस्तान की ओर से मुंह की खानी पड़ती है..उसी सिम्त में हिंदुस्तान की भैंस सरस्वती ने भी पाकिस्तान की भैंस से ज़्यादा दूध देकर विश्व रिकॉर्ड में अपना परचम लहराया था. बता दें कि भैंस सरस्‍वती ने 33 किलो 131 ग्राम दूध देकर पाकिस्तान को पीछे छोड़ विश्व रिकार्ड बनाया था। और अब वही सरस्वती भैंस 51 लाख रुपये में बिक गई है..भैंस के मालिक सुखबीर ढांडा का दावा है कि इस कीमत में भैंस बिकने का भी यह वर्ल्‍ड रिकॉर्ड है। भैंस को पंजाब के किसान पवित्र सिंह ने खरीदा है।

पंजाब की शान बनेगी सरस्वती

पाकिस्तान की भैंस पर दूध देने के मामले में भारी पड़ने वाली हरियाणा की मुर्राहा नस्ल की सरस्वती अब आने वाले दिनों में पंजाब की शान बढ़ाएगी।  हिसार के गांव लितानी के रहने वाले पशुपाल सुखबीर ढांडा ने अपनी सरस्वति की 51 लाख रुपये में विदाई कर दी है। सुखबीर ने जिस दिन भैंस सरस्वती की विदाई की, उस दिन अपने दोस्तों के अलावा गांव वालों को भी दावत का न्योता दिया था। सरस्वती के चर्चे हरियाणा में ही नहीं, बल्कि पंजाब से होते हुए पाकिस्तान में गूंज चुके है। 

पाकिस्तान का आलमी रिकॉर्ड तोड़ा था

बता दें कि दिसंबर 2019 में किसान सुखबीर ढांडा की सात साला भैंस सरस्वती ने पंजाब में मुनाकिद किए गए मुकाबले में पाकिस्तान का आलमी रिकार्ड तोड़ा था।पंजाब के लुधियाना के गांव जगरांव में हुए डेयरी एंड एग्री एक्सपो में पीडीएफए मुकाबले में पाकिस्तान की भैंस का 32 किलो 66 ग्राम दूध देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था। सुखबीर बताते है कि सरस्व​ती ने एक नहीं बल्कि दूध देने के कई मुकाबले जीतने का काम किया है। सरस्वती भैंस की ओर से पाकिस्तान का रिकार्ड तोड़े जाने पर उकलाना ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में यह बात चर्चा का सबब बन गई थी। हर कोई भैंस के मालिक किसान सुखबीर ढांडा को मुबारकबाद देने में लगा था। भैंस को देखने के लिए लोगों का गांव लितानी में तांता लगा हुआ था।

पंजाब के पशुपाल को बेचा

हालांकि शुरूआती दौर में जब सरस्वती ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था, तब मालिक सुखबीर ने कहा था कि वो सरस्वती को 1 करोड़ रुपये में भी नहीं बेचेंगे। लेकिन अब जब उनसे इसे बेचने का कारण पूछा तो सुखबीर ने बताया कि उनके गांव के आस—पास के इलाके में भैंस चोरी की वारदातें होने लगी थी। वो गांव लितानी के बाहरी एरिया में खेतों में रहते है, सरस्वती को लेकर हमेंशा एक डर बना रहता था. उन्होंने बताया की सरस्वती को पंजाब के लुधियाना के रहने वाले पवित्र सिंह ने खरीदा है। सुखबीर ने बताया कि देने को तो उसकी भैंस के 55 लाख रुपये भी दे रहे थे, लेकिन सुखबीर ने ​पवित्र सिंह को यह 51 लाख में इसलिए बेची ताकि वो उनकी निगाह के सामने रहे। सुखबीर चाहते है कि सरस्वती अब 35 किलो दूध देकर अपना डंका एक बार फिर पूरे वर्ल्ड में बजाने का काम करे।

खूंटा खाली देख आती है याद

सुखबीर कहते है कि सरस्वती की विदाई हो चुकी है, लेकिन ना उनके दिल से उसके लिए प्यार कम नहीं हुआ है और ना ही परिवार के किसी मेंबर का। सरस्वती की विदाई 21 फरवरी को हुई है, वो उससे मिलने के लिए कल ही पंजाब जाएंगे। सुखबीर ढांडा की अहलिया सुनीता ने बताया कि वो सरस्वती को घास डालती थी, दूध निकालती थी। अब खूंटा खाली देख कर उन्हें भी उसकी याद आती है।

Animal husbandry से लाखों की कमाई

सुखबीर ने बताया कि भैंस सरस्वती का ही एक कटड़ा है, जिसका नाम नवाब है। नवाब के सीमन बेचकर वो हर साल लाखों रुपए कमा रहे हैं।साइंटिस्ट उनकी सरस्वती से ही क्लोन तैयार करने की भी तैयारी  कर रहे हैं। सरस्वती से ही पैदा हुई कटड़ी की कीमत चार लाख की है। पशु पालन (Animal husbandry) भले ही मेहनत भरा काम हो, लेकिन इसमें की गई मेहनत रंग जरूर लाती है। सुखबीर ढांडा इसका सबसे बड़ी मिसाल हैं