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Bulandshahr News: बुलंदशहर जिला कोर्ट ने आज को 13 साल पुराने वाहिद हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मामले में शामिल 15 मुल्जिमों में से 12 को हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी पाया, जबकि 3 आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी थी. कोर्ट ने सजा सुनाने की तारीख 19 अगस्त तय की है. फिलहाल, पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है.
दरअसल, मोहल्ला रुक्नसराय निवासी वाहिद गाजी पुत्र बक्शा गाजी की बाइक फिसलने को लेकर कुरैशी समुदाय के कुछ लोगों से कहासुनी हो गई थी. मामूली विवाद जल्द ही हिंसक रूप ले बैठा. इल्जाम है कि विवाद के दौरान वाहिद पर गोलियां चला दी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना में मीना पत्नी नसरू और राशिद पुत्र नसरू गंभीर रूप से घायल हुए थे. यह घटना 24 अगस्त 2012 का है.
हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. अंसारी रोड समेत कई बाजार बंद कर दिए गए. हालात को संभालने के लिए पुलिस ने पीएसी और भारी फोर्स तैनात किया. तनाव को काबू में आने में कई दिन लगे. इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों को नामजद किया था.
बदले में हुई दूसरी हत्या
वाहिद की हत्या के बाद गद्दी समुदाय में गुस्सा फैल गया. कुछ समय बाद बदले की कार्रवाई में कुरैशी समाज के हामिद पुत्र हाजी इशार की उनकी दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई. इस घटना ने दोनों समुदायों के बीच दुश्मनी को और गहरा कर दिया. हामिद हत्याकांड में माजिद, बक्शा, इश्तकार, नवेद, राशिद, मुल्ला फारूक, तौसीफ और मुल्ला जमील समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. करीब एक साल पहले जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में सभी को अलग-अलग सजाएं सुना दी थीं.
रंजिश आज भी कायम
वाहिद और हामिद हत्याकांड ने गद्दी और कुरैशी समुदायों के बीच सालों पुरानी दुश्मनी को जन्म दिया, जो आज तक पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. बीच-बीच में छोटे-मोटे विवाद और झड़पें होती रही हैं. अब 19 अगस्त को वाहिद हत्याकांड में सजा का ऐलान होना है, ऐसे में यह देखना होगा कि क्या न्यायालय का यह फैसला इस विवाद का अंत करेगा या फिर पुरानी रंजिश और गहरी होगी.