कैट ने जारी की रफाल राखी, मुल्क के 250 शहरों में लगाए हिंदुस्तानी राखियों के स्टॉल

रफाल के हिंदुस्तान पहुंचने पर कैट के ज़रिए जारी की गई राखी में रफाल की तस्वीर के साथ वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी की भी तस्वीर भी लगी है.

कैट ने जारी की रफाल राखी, मुल्क के 250 शहरों में लगाए हिंदुस्तानी राखियों के स्टॉल

नई दिल्ली/शोएब रज़ा: चीनी सामान के बॉयकॉट की मुहिम के तहत कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के ज़रिए मुल्कभर में इस बार राखी के त्योहार को हिन्दुस्तानी राखी के तौर पर मनाने की मुल्कगीर मुहिम में कैट ने आज रफाल राखी जारी करते हुए कहा की राफेल तय्यारा हिंदुस्तानी एयरफोर्स को और ज्यादा ताकतवर बनाएगा, साथ ही दुश्मनों के नापाक मंसूबों को ख़त्म किया जा सके. रफाल के हिंदुस्तान पहुंचने पर कैट के ज़रिए जारी की गई राखी में रफाल की तस्वीर के साथ वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी की भी तस्वीर भी लगी है.

कैट ने हिंदुस्तानी सामान से बनी मुख्तलिफ तरह की राखियों की बिक्री के लिए दिल्ली समेत मुल्क के मुख्तलिफ सूबों के लगभग 250 शहरों में "राखी बिक्री स्टाल" लगाए जिसमें हिंदुस्तानी ख्वातीन के ज़रिए बनाई गई राखियां बेची गई. इनमें मोदी राखी और अक्साई चीन हमारा है की राखियों के साथ जय हिन्द की सेना राखी, वन्देमातरम राखी और मुख्तलिफ सूबों की मशहूर चीज़ों से बनी गई राखियां कैट के कारोबारी लीडर और ख्वातीन ने बेचीं. कैट ने दिल्ली, नागपुर, पटना, कानपुर, लखनऊ, मुंबई, जमशेदपुर, कोलकाता, रांची, राऊरकेला, रायपुर, झाँसी, पॉन्डिचेरी, जयपुर, जोधपुर, इलाहबाद, नोएडा, जम्मू, चंडीगढ़ , लुधियाना, तिनसुकिया, गोहाटी , सूरत, अहमदाबाद, पुणे, कोल्हापुर वगैरह शहरों में राखी स्टॉल लगाए थे. 

मुल्क के मुख्तलिफ सूबों में 200 से ज्यादा छोटे बड़े शहरों में कैट के सूबाई सतही चैप्टर और मकामी कारोबारी तंज़ीमें पिछले 15 दिनों से कामगार ख्वातीन, आंगनवाड़ी मुलाज़िमीन और ऐसे लोग जिनकी कोरोना की वजह से नौकरी छूट गई है, उनको रोजगार देते हुए कैट ने बड़े पैमाने पर हिन्दुस्तानी राखी बनवाई हैं, कैट की कोशिश पर मुल्क भर में मुख्तलिफ समाजी तंज़ीमों और बड़ी मिकदार में लोगों ने अपनी सोच के मुताबिक कई तरह की राखियां बनवाई हैं जो मुल्क के सभी सूबों में तेज़ी के साथ बेची जा रही हैं. इन राखियों की कीमत 10 रुपये से लेकर 50 रुपये है.