गत 28 जुलाई को हुई न्यायाधीश की मौत के मामले में सीबीआई चार अगस्त से जांच कर रही है लेकिन अब तक कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई है.
Trending Photos
)
रांचीः धनबाद के न्यायाधीश उत्तम आनंद की संदिग्ध मौत के मामले में सुराग देने वाले को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इतवार को पांच लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है. न्यायाधीश की मौत के मामले की जांच करने यहां पहुंची सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम का नेतृत्व कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार शुक्ला की तरफ से आज यहां न्यायाधीश की मौत के जाए वारदात रणधीर वर्मा चैक पर उनके दोनों मोबाइल नंबर के साथ पोस्टर लगाए गए जिनमें कहा गया है कि घटना के बारे में कोई भी सुराग देने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा और सुराग देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा. गत 28 जुलाई को हुई न्यायाधीश की मौत के मामले में सीबीआई चार अगस्त से जांच कर रही है लेकिन अब तक कोई खास कामयाबी नहीं मिल पाई है. इस मामले में अगली सुनवाई 20 अगस्त को होनी है.
प्रगति रिपोर्ट पर उच्च न्यायालय ने जताई नाराज़गी
इस मामले में जांच की प्रगति रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए 12 अगस्त को झारखंड उच्च न्यायालय ने असंतोष जताते हुए कहा था कि एजेंसी अपनी जांच पेशेवर तरीके से करे क्योंकि मामला बहुत गंभीर है और उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की जांच की निगरानी की जिम्मेदारी उसे सौंपी है, लिहाजा वह इसके हर पहलू की परख करेगा. झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन व न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की खंडपीठ में धनबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले की जुमेरात को सुनवाई हुई थी.
आरोपियों की होगी ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट
विशेष सीबीआई अदालत ने 11 अगस्त को दोनों आरोपियों-ऑटो चालक और उसके साथी का सीबीआई रिमांड दस दिन के लिए और बढ़ा दिया था. मामले की जांच में सीबीआई की मदद कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में जांच से जुड़े लगभग सभी पहलुओं पर काम कर लिया है और अपराध स्थल की पूरी जांच की जा चुकी है. आरोपियों के परिजनों एवं मामले की जांच से जुड़े राज्य पुलिस के अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है. दोनों आरोपियों की झूठ पकड़ने वाली मशीन से भी जांच की जा चुकी है और उनका अपराध मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी कर लिया गया है. अब आरोपियों की ब्रेन मैपिंग एवं नार्को परीक्षण करना शेष है जिसके लिए उन्हें झारखंड के बाहर ले जाना होगा.
ऑटो की टक्कर से हुई थी जज की संदिग्द्ध मौत
गौरतलब है कि न्यायाधीश उत्तम आनंद की संदिग्ध मौत 28 जुलाई को ऑटो की टक्कर से हुई थी. यह घटना तब हुई जब वह सुबह की सैर के लिए निकले थे. इस मौत को संदेहास्पद मानते हुए धनबाद के प्रधान जिला न्यायाधीश ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था. इस पत्र पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने इसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था. दूसरी जानिब, उच्चतम न्यायालय ने भी इसपर संज्ञान लिया और झारखंड उच्च न्यायालय को जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया था.
Zee Salaam Live Tv