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नई दिल्ली: मुल्क भर में 1 जुलाई से सीबीएसई (CBSE) के 10वीं और 12वीं जमात के बाकी बचे हुए इम्तिहानात होने जा रहे हैं. इसी बीच ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (HRD) मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक का एक बड़ा सामने आया है, जिसमें उन्होंने तलबा को एक और राहत देते हुए कहा जो बच्चे अपने आबाई ज़िलों या दीगर सूबों में चले गये हैं उन्हें परेशान होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि सीबीएसई इम्तिहानात उन्हीं के जिलों मे करवाने की कोशिश कर रहा है.
#Covid_19 संकट के कारण हजारों बच्चे अपने गृह प्रदेश में चले गए थे, ऐसी स्थिति में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे विद्यार्थियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए #CBSE ने यह फैसला लिया है कि ऐसे विद्यार्थी अपनी बोर्ड परीक्षा अपने गृह जिले में ही दे सकते हैं।@DDNewslive pic.twitter.com/3UFkbISIPm
— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) May 27, 2020
रमेश पोखरियाल ने कहा,"कोरोना बोहरान की वजह से हजारों तलबा अपने आबाई मकमात चले गए थे. ऐसे हालात में बोर्ड इम्तिहनात में शामिल होने जा रहे तलबा की परेशानी को ध्यान में रखते हुए CBSE ने यह फैसला लिया है कि ऐसे अपने जिले में ही इम्तिहानात दे सकते हैं." उन्होंने आगे कहा," तलबा स्कूल को इस बारे में इत्तेला दें कि वह किस ज़िले में है और कहां से अपने इम्तिहानात देना चाहते हैं."
निशंक ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड कोशिश कर रहा है कि उनकी सहूलत के मुताबिक इम्तिहानात का इंतेज़ाम करे. उन्होंने बताया कि जून के पहले हफ्ते में इस बारे में तलबा को पता चल जायेगा कि उन्हें कहां इम्तिहानात देने हैं?
बता दें साबिक वज़ीरे अला दिग्विजय सिंह ने भी मंगल को HRD मिनिस्टर को खत लिख कर मांग की थी,"कोरोना वायरस की वजह से ज्यादा तर तलबा अपने घर जा चुके हैं. ऐसे में ज्यादा तर तलबा इम्तिहान सेंटर वाले शहर में नहीं हैं. अगर CBSE की तरफ से ये इम्तिहानात पहले वाले इम्तहान सेंटर पर कराए जाएंगे तो ज्यादातर तलबा के इम्तिहान छूट जाएंगे."
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