चैतन्य राज सिंह बने जैसलमेर के नए महारावल, हज़ारों की मौजूदगी में इस तरह हुआ राजतिलक

इस प्रोग्राम के लिए पूरे जैसलमेर को सजाया गया था. आलमी शोहरत याफ्ता सोनार फोर्ट (Sonar Fort) में शुक्रवार को एक बार फिर राजशाही दौर जीवंत हो उठा.

चैतन्य राज सिंह बने जैसलमेर के नए महारावल, हज़ारों की मौजूदगी में इस तरह हुआ राजतिलक

जैसलमेर: स्वर्णमनगरी जैसलमेर में आज फिर राजा रजवाड़ों का काल शुरू हो चुका है. यहां शुक्रवार को जैसलमेर के 44वें महारावल के तौर पर चैतन्य राज सिंह (Chaitanya Raj Singh) को गद्दी पर बैठाया गया है. पूर्व महारावल ब्रजराज सिंह का 28 दिसम्बर को निधन होने के बाद मल मास की अवधि के पूरा होने पर जैसलमेर के नए महारावल को गद्दी पर बैठाया गया है. 

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इस प्रोग्राम के लिए पूरे जैसलमेर को सजाया गया था. आलमी शोहरत याफ्ता सोनार फोर्ट (Sonar Fort) में शुक्रवार को एक बार फिर राजशाही दौर जीवंत हो उठा. एक खुली जीप में चैतन्य राज सिंह को अपने निवास स्थान जवाहिर पैलेस (Jawahar Niwas Palace) से फोर्ट पहुंचे. 

इस दौरान रास्ते में लोगों ने फूलों की बारिश की. इस मौके पर इतने लोग इकट्ठा हो गए अंदर पैर रखने की जगह नहीं बची थी. चैतन्य राज सिंह ने गद्दी संभालने से पहले अपनी कुलदेवी और जैसलमेर के आराध्य लक्ष्मीनाथ भगवान के दर्शन किये. शाही परिधान में पहुचे चैतन्य राज सिंह को पंडितों के मंत्रोचार के बीच उन्हें महारावल की गद्दी पर बैठाया गया.

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इस मौके पर एक से बढ़कर एक लोकगीतों से अपने महारावल का गुणगान करते हुए यह बता दिया कि पश्चिमी राजस्थान की संस्कृति और उनके संस्कार आज भी उनके दिल में जिंदा है. वे चाहे दुनिया के किसी भी कोने में रहे लेकिन अपने संस्कार, सभ्यता और अपनी संस्कृति को नहीं भूलते हैं.

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