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Operation Sindoor: पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत ने 6 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर एक बड़ा हमला किया. इस हमले में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए. इसके जवाब में पाकिस्तान ने 7 मई को भारत पर हमला किया. दोनों देशों के बीच तीन दिन तक युद्ध चला, जिसमें दोनों तरफ सैकड़ों लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस नष्ट कर दिए. 10 मई को युद्धविराम समझौता हुआ. इस सीजफायर को लेकर अभी भी विवाद है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि उन्होंने युद्ध खत्म करवाया. लेकिन अब चीन ने क्लेम किया है कि इस साल की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.
30 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मामलों और चीन के विदेश संबंधों पर एक सेमिनार में बोलते हुए, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बीजिंग ने कई बड़े वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता की है. चीनी विदेश मंत्रालय ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया. वांग यी ने कहा कि चीन ने "निष्पक्ष और न्यायपूर्ण रुख" अपनाते हुए न सिर्फ समस्याओं के लक्षणों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि उनके मूल कारणों पर भी.
चीन ने किया बड़ा क्लेम
वांग यी के मुताबिक, चीन ने उत्तरी म्यांमार में संघर्षों, ईरानी परमाणु मुद्दे, भारत-पाकिस्तान तनाव, फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष और हालिया कंबोडिया-थाईलैंड सीमा विवाद में मध्यस्थता की है. उनका यह बयान मई में भारत और पाकिस्तान के बीच संक्षिप्त लेकिन गंभीर सैन्य टकराव के कई महीनों बाद आया है. यह तनाव 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर की पहलगाम घाटी में हुए एक आतंकवादी हमले के बाद बढ़ा, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे. जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया.
भारत ने किया सभी दावों को खारिज
हालांकि, भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.केंद्र सरकार का कहना है कि चार दिन का टकराव भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच सीधी सैन्य-स्तरीय बातचीत से सुलझाया गया था. भारत के मुताबिक, भारी नुकसान उठाने के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया, जिसके बाद 10 मई को जमीन, हवा और समुद्र में सभी गोलीबारी और सैन्य अभियानों को रोकने पर एक समझौता हुआ.