TMC and BJP Workers Clash: टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई है, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है. कई पुलिसकर्मी भी इस हिंसा में घायल हुए हैं.
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TMC and BJP Workers Clash: लोकसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है और जब भी चुनाव करीब आते हैं टीएमसी और बीजेपी वर्कर्स के भिड़ने की खबरें सामने आने लगती हैं. एक बार फिर ऐसा हुआ है. पुलिस ने कहा कि मंगलवार रात पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के दिनहाटा शहर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों के बीच झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए है.
टीएमसी के दिनहाटा विधायक और उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा और कूच बिहार लोकसभा सदस्य और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने कबूल किया कि वे झड़प के दौरान मौजूद थे, दोनों ने एक दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. सात फेज़ के लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद पश्चिम बंगाल में प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों के बीच यह पहली झड़प है.
दिनहाटा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि झड़प के दौरान कई दुकानों को नुकसान पहुंचा है. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने की कोशिश के दौरान एक उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के सिर में भी चोट लग गई है. टीएमसी ने ऐलान किया है कि वह बुधवार सुबह से दिनहाटा में 24 घंटे का बंद रखेगी. सत्तारूढ़ दल ने गुहा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिनहाटा पुलिस स्टेशन के बाहर आंदोलन भी शुरू किया है.
एक जिला पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारत चुनाव आयोग ने घटना पर रिपोर्ट मांगी है. टीएमसी छोड़ने के बाद 2019 में बीजेपी के लिए कूच बिहार सीट जीतने वाले निसिथ प्रमाणिक अपने लिए प्रचार कर रहे थे. उन्होंने मीडिया को बताया कि उनके समर्थकों पर उदयन गुहा के समर्थकों ने बिना किसी उकसावे के हमला किया.
प्रमाणिक ने कहा, “हम एक काफिले में आगे बढ़ रहे थे जिसे रोक दिया गया. जब मैंने गुहा को अपने अनुयायियों से हमारे कार्यकर्ताओं को पीटने के लिए कहते देखा तो मुझे अपनी कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा. ऐसे समय में जब शांतिपूर्ण चुनाव कराने की कोशिश की जा रही है, गुहा हिंसा भड़का रहे हैं. जब से चुनावों की घोषणा हुई है, गुहा स्थानीय व्यापारिक समुदाय से कह रहे हैं कि जो कोई भी भाजपा का समर्थन करेगा उसे परिणाम भुगतने होंगे.
आरोपों पर पलटवार करते हुए गुहा ने कहा, ''मैं आज मेरे जन्मदिन के उपलक्ष्य में हमारे कार्यकर्ताओं के जरिए आयोजित एक कार्यक्रम से लौट रहा था. जब प्रमाणिक का काफिला आया तो मैं सड़क पर खड़ा था. उन्होंने हम पर तीर चलाए और बिना किसी उकसावे के हमारे कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया."