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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं की सिक्योरिटी के लिए पिछले साल अक्टूबर में मिशन शक्ति अभियान (Mission Shakti Abhiyan) शुरू किया था. इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार प्रदेश में जनवरी-फरवरी में खास प्रोग्राम करने जा रही है. इस मुहिम के तहत 22 जनवरी को सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बेटियों का जन्मदिन सरकार मनाएगी. इसके अलावा सरकार की तरफ से मां-बेटी दोनों को गिफ्ट भी दिए जाएंगे.
यूपी के सभी जिलों में एक जनवरी से 20 जनवरी तक जन्म लेने वाली बेटियों की तादाद के बराबर पेड़ लगाए जाने का काम भी किया जाएगा. खास बात यह होगी कि इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी मर्दों की होगी. इसके अलावा उन ब्लॉकों की सभी ग्राम सभाओं से डिजिटल एनालॉग गुड्डा-गुड्डी बोर्ड का आगाज़ किया जाएगा. जहां बालिकाओं का निम्न लिंगानुपात है. इन ग्राम पंचायतों में सरकार अगले 6 महीने के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर अवामी बेदारी मुहिम (जन जागरुकता अभियान) भी चलाएगी.
डीएम करेंगे महिलाओं से संवाद
24 फरवरी को मिशन शक्ति मुहिम के तहत 'हक की बात डीएम के साथ' प्रोग्राम का आयोजन प्रदेश स्तर पर होगा. इस प्रोग्राम के तहत डीएम किशोरियों और महिलाओं से दो घंटे तक खास बातचीत करेंगे. इस बातचीत के दौरान बेटियों को यौन शोषण, लैंगिक असामानता, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, काम करने वाली जगह पर लैगिंक हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों को कैसे हराना है, इसको लेकर बेदार किया जाएगा. यह सभी प्रोग्राम वेबिनार, चौपालों, ऑनलाइन बैठक और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए होंगे.
क्या है मिशन शक्ति अभियान?
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'मिशन शक्ति' के ज़रिये महिलाओं को ताकतवर बनाने की कोशिश में जुटी है. सरकार ने 16 अक्टूबर 2020 को इस मुहिम को छह महीने के लिए शुरू किया था. इस मुहिम के तहत महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के खिलाफ सिक्योरिटी तंत्र तैयार कर उनको उनके हक बताने के लिए सरकार ने पूरा अमला लगाया है. इसके अलावा बेटियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक परामर्श भी दिए जा रहे हैं. 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत सरकार ने प्रदेश के 1535 पुलिस थानों में एक अलग कमरे का प्रावधान भी किया है जिसमें पीड़ित महिलाएं, महिला पुलिसकर्मी के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकती हैं.
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