गुजरात कत्ले आम करवाने वाले पुलवाला के 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं: उदित राज

उदित राज ने ट्वीट कर कहा कि जो लोग इक्तेदार हासिल के लिये गुजरात में क़त्लेआम करवा सकते हैं, वो सत्ता बनाये रखने के लिये 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं। इनके लिये हुब्बुलवतनी और राष्ट्रवाद अवाम को भरमाने का एक टूल भर है.

गुजरात कत्ले आम करवाने वाले पुलवाला के 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं: उदित राज
फाइल फोटो...

नई दिल्ली: कांग्रेस लीडर उदित राज भाजपा (BJP) पर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा है कि पुलवामा हमले को सियासी मुद्दा बना कर लोक सभा इंतेखाबात में जीत हासिल की है और साथ ही यह भी कहा है कि 2024 के इंतेखाबात से पहले फिर पुलवामा जैसा हमला हो सकता है और उन्होंने राहुल गांधी के पुलवामा हमले की जांच से मुतअल्लिक दिए गए बयान की भी हिमायत की है.

उदित राज ने ट्वीट कर कहा कि जो लोग इक्तेदार हासिल के लिये गुजरात में क़त्लेआम करवा सकते हैं, वो सत्ता बनाये रखने के लिये 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं। इनके लिये हुब्बुलवतनी और राष्ट्रवाद अवाम को भरमाने का एक टूल भर है.

उन्होंने दूसरे ट्वीट में साबिक कांग्रेस सद्र राहुल गांधी की के बयान की हिमायत करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी ने सही सवाल उठाया की पुलवामा हमले के जांच का नतीजा अभी तक नही आया जब वज़ारते दाखिला को ख़बर मिल गयी थी कि CRPF को रोड से नहीं बल्कि एयर से ले जाना चाहिए तो इजाज़त नहीं दी यानी सियासी फायदे के लिए यह वारदात होने दी.

मीडिया पर निशाना शाधते हुए उन्होंने कहा कि गोदी मीडिया फिर से बेशर्मी से सवाल पूछ रही है कि राहुल गांधी जी को नहीं कहना चाहिए कि पुलवामा की वारदात का फायदा किसको हुआ. जब 1 हफ्ते पहले पता था कि CRPF के जवानों को रोड से नही ले जाना है तो सरकार क्यों नही मानी। मरने के लिए ऐसा किया. मीडिया को बल्कि बीजपी से पूछना चाहिए.

एक दीगर ट्वीट में उदित राज ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद BJP कारकुनान के पूरे मुल्क में कैंडल मार्च पर निकल गए, जो अपोज़ीशन का काम था जिस पर इक्तेदार वाली जमाअतों ने कब्ज़ा कर लिया. विपक्ष को सवाल पूछना चाहिए था जैसा 26/11 ताज होटल के हमले में BJP ने किया था कि हमलावर कैसे आये? लगता है पूछने में कांग्रेस से चूक हो गयी, देर सही दुरुस्त हुआ.

याद रहे की पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को जैश-ए-मोहम्मद (जैश) के खुदकुश हमलावर ने सीआरपीएफ (CRPF) के काफ़िले पर हमला किया था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.