)
बागपत : कोरोना वायरस के वबा से पूरी दुनिया जंग लड़ रही है. हिंदुस्तान समेत कई मुल्क इस वायरस से ठहर गए हैं. हिंदुस्तान में कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर इलाज के लिए आगे आने के लिए कहा जा रहा है.इसी बीच बागपत से शफीक मियां नाम के जमाती के हॉस्पिटल से फरार होने की ख़बर के बाद पुलिस और सेहत महकमें में हड़कंप मच गया था. खेकडी सीएचसी के अधीक्षक ताहिर खान ने पुलिस को देर रात जानकारी दी थी कि "उनके हस्पिटल में भर्ती एक तबलीगी जमाती सोमवार देर रात खिड़की के रास्ते भाग निकला." जिसके बाद जिला इंतेजामियां ने बागपत जिले का सारी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील करवा दिया था.
हालांकि 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने मंगलवार दोपहर को खेकडा थाना क्षेत्र के बन्दपुर मार्ग से शफीक मियां को पकड़ा लिया. मेरठ जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने नेपाली जमाती शफीक के पकड़े जाने की तस्दीक की. शफीक मियां को फिर से कोविड-19 अस्तपाल में भर्ती कराने के बाद पुलिस पूरी घटना की तफ्तीश में जुट गई है.
बता दें कि बागपत डिस्ट्रिक्ट का यह दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज था पुलिस के मुताबिक "शफीक मियां नाम का ये शख्स के निजामुद्दीन में मरकज़ से लौट कर बागपत के रटौल गांव की मस्जिद में ठहरा हुआ था" जहां से पुलिस ने 10 नेपाली जमाती को पकड़कर बालेनी गांव में बनाये गए कोरेन्टीन सेंटर में रखा गया था और नेपाली जमाती शफीक मियां को बुखार होने के चलते ही कोरोना जांच के लिए सेंपल भेजा गया था और 3 अप्रैल को इसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद इसे खेकडा सीएचसी में एडमिट कराया गया.लेकिन देर रात कोरोना पॉजिटिव ये शख्स पुलिस और सेहत महकमें की टीम को चकमा देकर हॉस्पिटल केकमरे की खिड़की तोड़कर फरार हो गया.
गौरतलब है निज़ामुद्दीन तबलीगी जमात के मरकज़ में शामिल हुए लोगों को हिदायत दी जा रही थी कि वो खुद सामने आएं और अपना चेकअप कराएं. जिसको लेकर हुकूमत ने कुछ मज़हबी रहनुमाओं से आगे आकर समझाने की भी अपील की थी जिससे लोग कोरोना वायरस की संजीदगी को समझते हुए अपनी और दूसरों की ज़िंदगी बचाएं.