बागवान पर भी कोरोना का संकट, बढ़ीं फल उगाने वाले किसानों की परेशानियां

वादी के तमाम ज़िला भी कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी लाकडाउन पर अमल पैरा हैं ताकि कोरोना की वबा को रोका जा सके लेकिन जिले के बागवान इन दिनों बुरी तरह परेशान हो रहे हैं.

बागवान पर भी कोरोना का संकट, बढ़ीं फल उगाने वाले किसानों की परेशानियां

जम्मू/ रमेश बाली : आलमी वबा बन चुके कोरोना वायरस से पूरी दुनिया सनेत हिंदुस्तान भी लड़ रहा है. कोरोना के चलते पूरे हिंदुस्तान में लाक डाउन के ज़ाबते को नाफिज़ किया गया है और ज़रुरत के मुताबिक़ कुछ इलाक़ों को क़्वारंटाइन भी किया गया है. इसके इलावा वादी के तमाम ज़िला भी कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी लाकडाउन पर अमल पैरा हैं ताकि कोरोना की वबा को रोका जा सके लेकिन जिले के बागवान इन दिनों बुरी तरह परेशान हो रहे हैं.

कोरोना का साया बागबानी पर भी पड़ चुका है जिसको लेकर माली को नुकसान का डर सता रहा है क्योंकि लॉक डाउन के सबब हर तरफ बाजार और ट्रांसपोर्ट बंद है.जिसके चलते बाग़बान को अपने सेब, खुबानी, आलू बुखारा, पलमप और नाशपति के फलदार पौधों पर छिड़काव की दवाईयों नही पा रहीं. किसानों को डर है कि दवाई नहीं मिलने के सबब इस बार उन्हें फलों की पैदावार में नुकसान उठाना पड़ेगा.

कोरोना से बने मौजूदा हालात के बारे में बाग़बान का कहना है कि इस वक़्त पौधों में फूल आ चुके हैं और वक्त पर इन की देखरेख ज़रुरी है और अगर इन की देखरेख न की गई तो फिर दरख़तों पर फल नहीं आएंगे. हालांकि बाग़बान को कश्मीर इंतेज़ामिया से भी शिकायत है कि वो उनहें ज़रुरत के मुताबिक़ सहूलत मुहैया नहीं करा रहे हैं.

बता दें कि लॉकडाउन में गांव इलमाबाद, शाहपुर, डींगला, साथरा और गलीपिंडी जैसे गांव जहां पर बड़ी तादाद में लोगों की आमदनी फलों की पैदावार पर ही मुंहसिर हैं. उन्होंने अपील की है कि उनकी परेशानियों की जानिब भी तवज्जुह दी जा ताकि फलों की पैदावार से उनकी और उनके कुंबे की ज़िदगी असानी से गुज़रे.

Watch Zee Salaam Live TV