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Wazirabad Dargah Clash: दिल्ली के वजीराबाद थाना क्षेत्र के बाहरी रिंग रोड बुराड़ी सर्कल स्थित नवाज बाबा गरीब शाह दरगाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि दरगाह के सेवादार एक महिला और एक पुरुष यूट्यूबर पत्रकार के साथ बदसलूकी और हाथापाई कर रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.
दरगाह के खादिम रंजीत कुमार विश्वास ने चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने बताया कि कवरेज करने आए यूट्यूबर पत्रकार ने उनसे रिश्वत के तौर पर 1 लाख रुपये मांगे. इल्जाम के मुताबिक, पत्रकार ने दरगाह के अंदर भगवान राधा-कृष्ण, भगवान शिव परिवार और साईं बाबा की मूर्तियों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि दरगाह की आड़ में अवैध रूप से जमीन कब्जाई गई है.
रंजीत का कहना है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई और वीडियो वायरल हो गया. इस मामले में दरगाह खादिम रंजीत की बेटी ने उल्टा पत्रकारों के खिलाफ ही वजीराबाद थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि कवरेज के नाम पर दरगाह की छवि खराब करने की कोशिश की गई और जबरदस्ती पैसे की मांग की गई.
वहीं, रंजीत कुमार विश्वास का कहना है कि वह पिछले 30 साल से नवाज बाबा गरीब शाह दरगाह की सेवा कर रहे हैं. मूल रूप से बंगाल के एक हिंदू परिवार से ताल्लुक रखने वाले रंजीत बताते हैं कि इस दरगाह की खासियत यही है कि यहां सभी धर्मों के लोग आते हैं. दरगाह के अंदर देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं, ताकि कोई धार्मिक विवाद न हो और हर समुदाय के श्रद्धालु यहां आकर प्रार्थना कर सकें.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बाहर से देखने पर यह जगह एक दरगाह लगती है, लेकिन अंदर देवी-देवताओं की मूर्तियां भी रखी गई हैं. यही वजह है कि कई बार श्रद्धालु उलझन में पड़ जाते हैं कि यह दरगाह है या मंदिर. माना जा रहा है कि कवरेज करने आए यूट्यूबर पत्रकार ने या तो ज़्यादा व्यूज पाने के लिए विवाद खड़ा किया, या फिर उन्हें सच में समझ नहीं आया कि यह जगह दरगाह है या मंदिर. इसी बात पर बहस छिड़ गई और मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई तक पहुंच गया.