Delhi Blast Case: दिल्ली विस्फोट मामले में अदालत ने उमर मुहम्मद के सहयोगी जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है. वानी पर ब्लास्ट की साजिश में तकनीकी मदद देने का आरोप है. एनआईए ने उसे श्रीनगर से गिरफ्तार किया था.
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Delhi Blast Case: NIA ने दिल्ली विस्फोट मामले में जांच तेज करते हुए हमलावर डॉ. उमर मुहम्मद के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया और 10 दिन की रिमांड मांगी. कोर्ट ने आरोपी को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया.
दिन में पहले एनआईए ने वानी को दिल्ली विस्फोट मामले में अदालत में पेश किया. इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी. 17 नवंबर को एनआईए ने वानी को गिरफ्तार किया. उस पर आरोप है कि उसने विस्फोट में शामिल आतंकियों को तकनीकी मदद दी थी. वानी कश्मीर का रहने वाला है और उसे श्रीनगर से पकड़ा गया.
एजेंसी के अनुसार, जांच से पता चला है कि उसने कथित तौर पर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी. वह कथित तौर पर घातक कार बम विस्फोट से पहले ड्रोन को संशोधित करने और रॉकेट विकसित करने के प्रयास में शामिल था. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी आरोपी, हमले में एक सक्रिय सह-साजिशकर्ता बताया गया था. उसने आतंकवादी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर इस आतंकी कृत्य की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.
इस एंगल से जांच कर रही है NIA
एनआईए बम विस्फोट के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कई कोणों से जांच कर रही है. आतंकवाद-रोधी एजेंसी की कई टीमें विभिन्न सुरागों का पता लगा रही हैं और हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास में कई राज्यों में तलाशी ले रही हैं. 17 नवंबर को दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीर के रहने वाले आमिर राशिद अली को 10 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया. आमिर पर आरोप है कि उसने मुहम्मद के साथ मिलकर साजिश रची थी. जिस कार का इस्तेमाल दिल्ली विस्फोट में किया गया था, वह आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी.
16 को आमिर को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
आमिर को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था. एनआईए का कहना है कि यह गिरफ्तारी दिल्ली में चल रहे बड़े तलाशी अभियान के दौरान हुई. यह अभियान तब शुरू हुआ जब एनआईए ने यह केस दिल्ली पुलिस से अपने हाथ में लिया. एनआईए की जांच के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पंपोर के रहने वाले आमिर राशिद अली ने कथित तौर पर आत्मघाती हमलावर उमर नबी के साथ मिलकर धमाका करने की योजना बनाई थी. एजेंसी का कहना है कि आमिर दिल्ली आया था ताकि उस कार को खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में विस्फोट के लिए कार-आईईडी में बदल दिया गया.