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Delhi Riots 2020 Verdict: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में साल 2020 में हुए दंगों से जुड़े एक अहम मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में 12 मुल्जिमों को बरी कर दिया है. इन सभी आरोपियों को हत्या और हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने सबूतों की कमी और गवाहों की कमजोर गवाही के चलते यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप चैट और गवाहों की कथित पहचान पर्याप्त सबूत नहीं मानी जा सकती.
दरअसल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में भड़के दंगों के दौरान हाशिम अली समेत 9 लोगों की हत्या हुई थी. थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, भीड़ ने नौ लोगों की हत्या की थी, जिसमें हाशिम अली और उसके भाई आमिर खान का भी नाम था. आरोप लगाया गया कि आरोपी भीड़ ने पत्थर, लाठी, तलवार और लोहे की छड़ों से लैस होकर हमला किया और हत्या की घटना को अंजाम दिया.
12 हिंदू लड़कों को बनाया गया था आरोपी
पुलिस ने जांच के दौरान लोकेश कुमार सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पंचाल, ऋषभ चौधरी, सुमित चौधरी, टिंकू अरोड़ा, संदीप और साहिल को मुल्जिम बनाया. इन सभी पर हत्या, साजिश और दंगा भड़काने के संगीन इल्जाम लगाए गए थे.
व्हाट्सएप चैट के आधार पर नहीं बनाया जा सकता है आरोपी
विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट में एक व्हाट्सएप ग्रुप के चैट का हवाला दिया, जिसमें आरोपियों के दंगों में शामिल होने की बातें कही गई थीं. अभियोजन पक्ष ने इसे “न्यायिक स्वीकारोक्ति” मानते हुए साक्ष्य के तौर पर पेश किया. हालांकि, न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने इस दलील को ठोस सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे व्हाट्सएप पोस्ट और मैसेज ग्रुप के अन्य सदस्यों के बीच ‘हीरो’ बनने या शेखी बघारने के लिए डाले जा सकते हैं और इन्हें सच मानना कानून सम्मत नहीं है.
दिल्ली पुलिस के जांच पर उठे सवाल
कोर्ट ने गवाहों की गवाही को भी कमजोर माना. जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए गवाह घटनास्थल और आरोपियों की पहचान के बीच मजबूत कड़ी साबित करने में असफल रहे. साथ ही कोर्ट ने 30 अप्रैल को अपने आदेश में सभी 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. इस फैसले के बाद एक बार फिर 2020 के दिल्ली दंगे और उसकी जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं.