भोपाल में मिला कोरोना डेल्टा प्लस वेरिएंट का केस, देश में अब तक 6 मरीज, अमेरिका ने इसे बताया खतरनाक

भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज से इस महीने 15 सैंपल जांच के लिए भेजे थे जिनमें एक सैंपल में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है, बाकी में डेल्टा और अन्य वैरिएंट हैं. 

भोपाल में मिला कोरोना डेल्टा प्लस वेरिएंट का केस,  देश में अब तक 6 मरीज, अमेरिका ने इसे बताया खतरनाक
अलामती तस्वीर

नई दिल्लीः मुल्क में कोरोना के बदलते वेरिएंट में एक बार फिर एक नया वेरिएंट सामने आया है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डेल्टा प्लस वेरिएंट का केस आया है. यहां की एक 65 साल की औरत में ये वेरिएं पाया गया है. मुल्क में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 10 मई को डेल्टा को चिंताजनक स्वरूप बताया था।

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वैक्सीनेशन के बाद भी डेल्टा प्लस वैरिएंट
इस मामले में मध्य प्रदेश के वजीर-ए-सेहत विश्वास सारंग ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट दूसरी लहर के डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) का ही बदला हुआ एक रूप है. भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज से इस महीने 15 सैंपल जांच के लिए भेजे थे जिनमें एक सैंपल में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है, बाकी में डेल्टा और अन्य वैरिएंट हैं. हालांकि जिस मरीज में ये वायरस मिला है वो फिलहाल सेहतमंद है और उसकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है. इस मरीज को वैक्सीन भी लग चुकी है. माना जा रहा है कि वैक्सीन के चलते ही इस शख्स पर कोरोना का असर ज्यादा नहीं हो पाया है. 

अमेरिका ने ‘डेल्टा स्वरूप’ को चिंताजनक श्रेणी में डाला
अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने भारत में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप को ‘‘चिंताजनक’’ बताया है. सीडीसी ने कहा है कि अमेरिका में पाए जा रहे वायरस के स्वरूप बी.1.1.7 (अल्फा), बी.1.351 (बीटा), पी.1 (गामा), बी.1.427 (एप्सिलन), बी.1.429 (एप्सिलन) और बी.1.617.2 (डेल्टा) फिक्र कीद वजह हैं. अमेरिका में अब तक ऐसा कोई स्वरूप नहीं है जिसका असर बहुत ज्यादा हो.’’ उसने कहा कि डेल्टा स्वरूप में फैलने की कूवत ज्यादा है. 

इस वेरिएंट पर दवाइयां कुछ खास असर नहीं करती 
वायरस के किसी भी शक्ल को चिंताजनक तब बताया जाता है जब वैज्ञानिक मानते हैं कि वह ज्यादा संक्रामक है और मरीज को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. चिंताजनक स्वरूप की पहचान करने वाली जांच, इलाज और टीके भी इसके खिलाफ कम मुअस्सर हो सकते हैं. इससे पहले सीडीसी ने डेल्टा स्वरूप के बारे में कहा था कि इसके बारे में और रिसर्च की जरूरत है. माहिरीन का कहना है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट पर अभी बनी दवाइयां कुछ खास असर नहीं करेंगी. मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल दवाइयों का भी इस पर असर नहीं होगा. 

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