ओमिक्रॉन वायरस के डर से अवसादग्रस्त प्रोफेसर ने पत्नी, बेटा और बेटी का किया कत्ल
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ओमिक्रॉन वायरस के डर से अवसादग्रस्त प्रोफेसर ने पत्नी, बेटा और बेटी का किया कत्ल


कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील सिंह ने पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद इसका सूचना अपने भाई को दी और फिर फरार हो गया.  

ओमिक्रॉन वायरस के डर से अवसादग्रस्त प्रोफेसर ने पत्नी, बेटा और बेटी का किया कत्ल

कानपुरः कानुपर से एक बेहद चैंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां एक प्रोफेसर ने कोरोना के डर से कथित तौर पर अपनी बीवी और बच्चों की हत्या कर गायब हो गया है. शुक्रवार की शाम पत्नी और बच्चों की हत्या कर प्रोफेसर ने अपने भाई को व्हाट्सएप कर वारदात की जानकारी दी थी. पुलिस ने घर से पत्नी और दोनों बच्चों की लाशें बरामद कर ली है. इसे मामले में पुलिस को प्रोफेसर के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस सुसाइड नोट में प्रोफेसर ने लिखा है कि ओमिक्रॉन सबको मार डालेगा. अब लाशें नहीं गिननी हैं. 

पूरे परिवार की हत्या कर भाई को दी जानकारी
कल्याणपुर क्षेत्र के डिविनिटी अपार्टमेंट में पत्नी व दो बच्चों की हथौड़े से हत्याकर प्रोफेसर फरार हो गया. प्रो. सुशील सिंह डिवनिटी होम अपार्टमेंट के पांचवें फ्लोर पर 501 नंबर फ्लैट में रहते हैं. घर में पत्नी चंद्रप्रभा (48), बेटा शिखर सिंह (18) बेटी खुशी सिंह (16) भी उनके साथ रहते थे. शुक्रवार की शाम प्रो. सुशील ने अपने छोटे भाई सुनील सिंह को व्हाट्सएप पर मैसेज किया जिसे देखकर वह चैंक गए. इसमें लिखा कि सुनील पुलिस को सूचना करो, मैंने डिप्रेशन में चंद्रप्रभा, शिखर और खुशी की हत्या कर दी है. मैसेज देखते ही डॉ. सुनील पीएचसी से तुरंत निकले और अपने भाई के घर पहुंचे. यहां फ्लैट में सेंट्रल लॉक लगा हुआ था, जिसे उन्होंने गार्डों की मदद से तोड़ा दिया. ज बवे अंदर दाखिल हुए तो वहां खून से सनी सभी की लाशें पड़ी थी. डॉ. सुनील ने पुलिस को इसकी सूचना दी.

मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक डिपार्टमेंट का विभागाध्यक्ष हैं प्रोफेसर
पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर सुशील सिंह रामा मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष हैं. डॉ. सुशील कुमार के घर से मिली डायरी में उन्होंने लिखा है, ’’ओमिक्रॉन और कोविड अब सबको मार डालेगा. अब लाशें नहीं गिननी हैं. मैं अपनी लापरवाहियों के चलते कॅरिअर के उस मुकाम पर फंस गया हूं, जहां से निकलना असंभव है. मेरा कोई भविष्य नहीं रहा. इसलिए मैं होश-ओ-हवास में अपने परिवार को खत्म करके खुद को भी खत्म कर रहा हूं. इसका जिम्मेदार और कोई नहीं है.’’ 

अपनी आंखों की बीमारी का किया है जिक्र
प्रोफेसर ने आगे लिखा है कि मैं लाइलाज बीमारी से ग्रस्त हो गया हूं. आंखों की लाइलाज बीमारी की वजह से यह कदम उठाना पड़ रहा है. पढ़ना मेरा पेशा है और जब आंख ही नहीं रहेगी तो मैं क्या करूंगा ? आगे का भविष्य कुछ नजर नहीं आता है. इसके अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं है. मैं अपने परिवार को कष्ट में नहीं छोड़ सकता. इसलि सभी को मुक्ति के मार्ग में छोड़कर जा रहा हूं. इन सभी के सारे कष्ट एक ही पल में दूर कर रहा हूं. मैं किसी को कष्ट में नहीं देख सकता. मेरी आत्मा मुझे माफ नहीं करेगी. अलविदा...

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