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नई दिल्ली: दिल्ली कोरोना के मामलों से सुर्खियों में आई तब्लीगी जमात के 20 ठिकानों पर ईडी ने आज छापेमारी की है. महाराष्ट्र, हैदराबाद, दिल्ली और केरल जैसे शहरों में ईडी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मरकज़ की फंडिग के पीछे कौन हैं?
दिल्ली में 7, मुबई में 5 और कोच्ची के 3 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है. माना जाता है कि इन तमाम मकमात पर मौलाना के खास लोग रहते हैं और इन जगहों पर फंडिग के सुराग मिल सकते हैं. दिल्ली के जाकिर नगर में भी ईडी की टीम पहुंची. जाकिर नगर में ही मौलाना साद कोरोना मामले के बाद से ही रहता रहा है.
तब्लीगी जमात का मरकज़ दिल्ली के निज़ामुद्दीन में है. ये तब्लीगी जमात का हेडक्वाटर है जो दुनिया का सबसे बड़ा मरकज़ है. मुल्क और बेरूने मुल्कों की जमात की तरतीब यही से बनती है और यहीं से जमात निकलती है. इस मरकज़ में कोरोनाकाल से पहले रोजाना दो से ढाई हज़ार लोग हर वक्त रहते थे. उनके रहने से लेकर खाने पीने का इंतज़ाम सब यहीं होता था. ऐसे में यहां रोज़ाना हज़ारों या लाखों रुपये का खर्च आता था. ये खर्च का पैसा कहां से आता था यानि पैसा का ज़रिया क्या है? ईडी इन्हीं तमाम सवालों के जवाब के लिए छापेमारी कर रही है.
बता दें कि तब्लीगी जमात का नाम कोरोना को लेकर सुर्खियों में आया था और इल्जाम लगा था कि जमात के लोग जान बूझकर कोरोना फैला रहे हैं. इस मामले के बाद लगातार वबाल होता रहा और जमात के चीफ मौलाना साद के खिलाफ कार्रवाई की मांग होती रही है लेकिन कोई कार्रवाई हो नहीं पाई.
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