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Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग से हर कोई परेशान है और हर किसी की यही दुआ है कि किसी तरह यह जंद थम जाए और हालात ठीक हो जाएं. अगर किसी को ऐसा लग रहा है कि इस जंग से हिंदुस्तान या हिंदुस्तान के आम नागरिक का कोई लेना देना नहीं, तो फिर वो बहुत गलत सोच रहा है. क्योंकि कही भी जंग होगी तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. उस जंग का असर दूसरे देशों में रह रहे आम लोगों की जेब तक भी आ जाता है और यही खतरा अब भी मंडरा रहा है.
दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग से हम भारतीयों की रसोई में मौजूद खाद्य तेल (सरसों का तेल, रिफाइंड और अन्य खाने वाले तेल) महंगा हो सकता है. हालांकि खाने के तेल में पहले ही काफी तेज़ी को देखने को मिली लेकिन अगर यह जंग एक दो हफ्ता और चलती रही तो इसकी कीमतों में और भी ज्यादा इज़ाफा देखने को मिल सकता है.
क्यों महंगा हो रहा सामान
जंग छिड़े हुए अभी 3 दिन ही हुए हैं और बाज़ारों में तेल समेत कई चीजों की कीमतें बढ़ चुकी हैं. अगर ऐसे ही हालात रहे तो कीमतों में और तेज़ी देखने को मिल सकती है. इसके पीछे हालांकि कई कारण हैं लेकिन एक वजह यह भी बताई जा रही है कि जंग की वजह से माल पोर्ट पर ही पड़ा है. अपनी मंजिल तक माल नहीं पहुंच रहा. ऐसे में डीलरों ने कीमतों में भारी इज़ाफा करना शुरू कर दिया.
यह भी है बड़ा कारण
वजह की बात करे तो वजह यह है कि हिंदुस्तान में लगभग 70 फीसद खाद्य तेल के लिए दूसरों मुल्कों पर निर्भर रहता है. एक जानकारी के मुताबिक रूस और यूक्रेन दोनों देश ऐसे हैं जहां से भारत में बड़ी मिकदार में खाद्य तेल हासिल हो सकता है. ऐसे में अगर ये जंग 1 हफ्ते से ज्यादा चलती रही तो कीमतों भारी उछाल देखने को मिल सकता है.
अप्रैल में बढ़ेंगी कीमतें
आजतक में छपी में एक खबर मुताबिक,"ऑयल इंपोर्ट्स के पास सिर्फ 45 दिनों का स्टॉक बचा है. ऐसे में अगर ऑयल फैक्ट्रीज बंद रहती हैं और जहां मौजूद नहीं रहते तो फिर दिक्कत में इजाफा हो सकता है, जिसका असर अभी नहीं अप्रैल महीने में देखने को मिल सकता है."
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