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Khandwa Eid Milad Un Nabi Controversy: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शहर में जुलूस निकाला गया. इस जुलूस के दौरान बवाल मच गया है. आरोप है कि जुलूस के दौरान भगवा ध्वज का अपमान किया गया और पाकिस्तान आर्मी का गीत बजाया गया. इस कथित आरोप के बाद हिंदू संगठन ने बवाल काट दिया. देर रात बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
दरअसल, ईद मिलादुन्नबी का जुलूस पूरे देश में निकाला गया था. वहीं, खंडवा के कई शहरों में भी गुरुवार जुलूस निकाला गया था. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए थे. जुलूस में इस्लाम मजहब से जुड़े झंडे, पोस्टर और बैनर लगाए गए थे. इल्जाम है कि कुछ जगहों पर मुस्लिम नौजवानों ने भगवा रंग के झंडों का भी इस्तेमाल किया, जिन पर उर्दू भाषा में इस्लाम जिंदाबाद जैसे नारे लिखे हुए थे.
हिंदू संगठन के लोगों ने काटा बवाल
हिंदू संगठनों का कहना है कि भगवा झंडा हिंदू मजहब और आस्था का प्रतीक है. ऐसे में उस पर धार्मिक नारे लिखना हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है. हिंदू संगठन के लोगों ने यह भी इल्जाम लगाया कि जुलूस में पाकिस्तान आर्मी की धुन बजाई गई, जिससे देशभक्त नागरिकों की भावनाएं आहत हुईं. हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि हाल ही में गणेश उत्सव के दौरान जिन स्थानों पर भगवा झंडे लगाए गए थे, उन झंडों को जुलूस के दौरान कुछ मुस्लिम युवाओं ने हटा दिया.
थाने पहुंचे हिंदू संगठन के लोग
इस घटना के बाद हिंदू संगठन के लोग बड़ी संख्या थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. हिंदू जागरण मंच के माधव झा ने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ हिंदू समाज का अपमान हैं, बल्कि समाज में तनाव फैलाने की साजिश भी हैं. वहीं, पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है.
पुलिस ने दर्ज कर लिया है मुकदमा
नगर पुलिस अधिक्षक अभिनव बारंगे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपों की जांच की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी ने आपत्तिजनक नारेबाजी की है या किसी धार्मिक प्रतीक का अपमान किया है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.