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Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस ने अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त के बड़े मामले का खुलासा किया है. इस मामले में कुम्हावर की मस्जिद के इमाम अकबर अली समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस जांच में यह मामला आपसी लेन-देन से शुरू होकर अवैध हथियारों के सौदे तक जा पहुंचा.
दरअसल, अकबर अली मूल रूप से मुरादाबाद जिले के थाना मुंढापांडे क्षेत्र के वीरपुर बरियार गांव के रहने वाले हैं. अप्रैल 2025 में उन्हें इटावा के सैफई क्षेत्र के कुम्हावर स्थित मस्जिद में इमाम बनाया गया था. यह पद मस्जिद के पूर्व इमाम के बाराबंकी ट्रांसफर के बाद खाली हुआ था.
अकबर अली के साले ने उनसे करीब 4.50 लाख रुपये उधार लिए थे. इस लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद इमाम की पत्नी भी नाराज होकर मायके चली गई. समझौते की कोशिश नाकाम रही और इमाम की पत्नी ने मुरादाबाद के भोजपुर थाने में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया. इसके बाद साले ने इमाम को जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह इटावा की मस्जिद में ही रहने लगे. इसी दौरान मस्जिद में आने वाले अभियुक्त एकलव्य की असलहे के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल हुई. तस्वीर देखकर इमाम ने एकलव्य से पिस्टल की मांग की. इटावा में संपर्क रखने वाले दूसरे लोगों के माध्यम से सौदेबाजी हुई और इमाम ने अलग-अलग किस्तों में करीब 61 हजार रुपये दे दिए.
क्या है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, सौदे के वक्त इमाम को पिस्टल के बजाय तमंचा दे दिया गया. इससे नाराज होकर इमाम और एकलव्य में कहासुनी हुई. इसके बाद इमाम ने खुद को ठगा हुआ दिखाते हुए 6 अगस्त को सीएम पोर्टल पर टप्पेबाजी की शिकायत दर्ज कराई और सिविल लाइन थाने में भी रिपोर्ट दी. हालांकि, पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो यह टप्पेबाजी का नहीं बल्कि अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त का मामला निकला. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रेलवे पार्क के पास सैय्यद बाबा की मजार के पीछे इकट्ठा हुए हैं. छापेमारी में सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया और पूरे मामले का खुलासा हो गया.
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह भी जांच की जा रही है कि इनके तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं. यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता के दुरुपयोग का भी गंभीर मामला है.