Pakistan News: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ब्राह्वी भाषा के मशहूर कवि मीर अल्लाह बख्श शहजाद की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद बलूच नेताओं ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर दमन का आरोप लगाते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
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Pakistan News: पाकिस्तान से एक बड़ा ही दर्दनाक मामला सामने आया है. जहां क्ववेट में ब्राह्वी भाषा के कवि और लेखक मीर अल्लाह बख्श शहज़ाद की गोली मारकर क़त्ल कर दिया गया है. मकामी मीडिया ने यह जानकारी दी.
बलूचिस्तान के क्वेटा के सबज़ल रोड पर नामालूम लोगों ने गोली मारकर क़त्ल कर दिया है. पुलिस के मुताबिक हथियारबंद मोटरसाइकिल सवारों ने शहज़ाद को उस समय निशाना बनाया. जब वह इलाक़े से गुजर रहे थे और उन्हे गोली लगी, और मौक़े पर ही मौत हो गई. वहीं पुलिस ने उनके लाश को सिविल अस्पताल में ले जाकर लाश को पोस्ट मार्टम के लिए सौंप दिया. पोस्टमार्टम होने के बाद लाश परिवार वालों को सौंप दी गई.
पार्टी बनाने के बाद किया था ये ऐलान
इससे पहले 2 मई को बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (BNP-M) के अध्यक्ष सरदार अख्तर मेंगल ने सरकार और राज्य संस्थानों पर बलूच लोगों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए, राष्ट्रीय प्रतिरोध की राजनीति शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी राजनीतिक कामकाज के लिए सरकार की अनुमति नहीं लेगी.
किया ये बड़ा सवाल
उन्होंने सवाल किया कि जब अधिकारी "लोगों और बलूच महिलाओं की बेइज़्ज़ती कर रहे थे, क़त्लेआम कर रहे थे और हमारे नौजवानों के लाशों को फेंक रहे थे, तो BNP-M कैसे चुप रह सकती है. मेंगल ने कड़ी वार्निंग देते हुए कहा कि अगर राज्य दमन जारी रहा तो उनकी पार्टी मिलिट्री कैम्प के बाहर भी प्रोटेस्ट करने से नही हिचकिचाएगी.
इंसाफ देने में नाकाम कोर्ट की आलोचना
डॉन के रिपोर्ट के मुताबिक न्याय देने में नाकाम रहने के लिए कोर्ट की आलोचना की और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के बजाय अदालतों पर बार-बार स्थगन देने का इल्ज़ाम लगाया. उन्होंने आगे इल्ज़ाम लगाया कि judicial decision "कानून और संविधान के बजाय सेक्टर कमांडरों की इच्छा के मुताबिक किए जा रहे हैं.
की ये बड़ी डिमांड
वहीं एक और रिपोर्ट के मुतबाकि, इस प्रोग्राम को BNP-M के सीनियार वाइस प्रेसिडेंट साजिद सहित कई बड़ी सियासी हस्तियों ने भी इस प्रोग्रम को सम्बोधित किया. वक्ताओं ने महरंग बलूच और दूसरे कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की. जिन्हें सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने (maintaining public order) अध्यादेश के तहत हिरासत में लिया गया है.
यह खबर कुदसिया बेगम ने लिखी है.