'जो उजड़े और फिर न बसे दिल वो निराली बस्ती है', फानी बदायूनी के शेर

Fani Badayuni Poetry: फानी ने अपने वालिद से दूर रहकर अच्छी शायरी की. फानी ने शेकस्पीयर और मिलटन की कई रचनाएं उर्दू में ट्रांस्लेट कीं.

'जो उजड़े और फिर न बसे दिल वो निराली बस्ती है', फानी बदायूनी के शेर

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Siraj Mahi

Siraj Mahi

सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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