Delhi Blast Case: फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के इमाम मौलवी इश्तियाक को विस्फोटक बरामदगी मामले में गिरफ्तार किया गया है. परिवार ने कहा कि इश्तियाक निर्दोष हैं, उन्होंने सिर्फ डॉक्टर मुजम्मिल को मकान किराए पर दिया था.
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Maulvi Ishtiyaq Arrest: फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े विस्फोटक बरामदगी के मामले में पुलिस ने मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इश्तियाक ने अपने मकान को डॉ. मुजम्मिल शकील को किराए पर दिया था, जिसके घर से 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ. इश्तियाक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया है. हालांकि, मौलवी इश्तियाक के परिवार ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
इश्तियाक की मां जैतूनी ने कहा, “मेरा बेटा बेकसूर है. उसने सिर्फ कमरा किराए पर दिया था, बाकी कुछ नहीं किया. वह अल फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद में इमाम का काम करता है और अपने काम में ही व्यस्त रहता है.” इश्तियाक के बड़े भाई मोहम्मद सपात ने भी कहा कि उनका भाई निर्दोष है. “हम पांच भाई हैं, जिनमें से चार मस्जिदों में इमाम का काम करते हैं. इश्तियाक बीस साल पहले गांव छोड़कर फतेहपुर तगा में रहने लगा था. उसने वहां कुछ कमरे बनाए हैं, जिनमें से एक डॉक्टर को किराए पर दिया था.”
परिवार के लोगों ने बताया निर्दोष
परिवार का कहना है कि इश्तियाक और डॉक्टर मुजम्मिल शकील की मुलाकात यूनिवर्सिटी में हुई थी, जहां दोनों काम करते थे. इसके बाद डॉक्टर ने उनसे किराए पर मकान लिया था. परिवार का दावा है कि इश्तियाक को यह नहीं पता था कि डॉक्टर अपने कमरे में क्या रखता है. इश्तियाक के भाई ने बताया कि डॉक्टर के घर हमारे घर से दूध भी जाता था. हमारा किसी गलत काम से कोई लेना-देना नहीं है.
नूंह के रहने वाले थे मौलवी
दरअसल, मौलवी इश्तियाक मूल रूप से नूंह जिले के सिंगार गांव के रहने वाले हैं और पिछले 20 सालों से फतेहपुर तगा गांव में रहते हैं. उनके परिवार के मुताबिक, वह हमेशा धार्मिक कार्यों में लगे रहे हैं और कभी किसी विवाद में नहीं पड़े. इश्तियाक की मां और भाई दोनों ने प्रशासन से अपील की है कि बिना सबूत निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए. परिवार का कहना है कि हम कानून पर भरोसा रखते हैं, सच सामने आएगा और इश्तियाक जल्द बरी होंगे.