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नई दिल्ली/शोएब रज़ा: हिन्दु्स्तानी एयरफोर्स में शामिल हो रहे रफाल फाइटर जेट का पहला बैच अंबाला पहुंच गया है. दुनिया का सबसे ताकतवर फाइटर जेट माना जाने वाला राफेल हिन्दुस्तानी हवाई फौज की ताकत को कई गुना ज्यादा बढ़ाएगा. राफेल अपनी ताकत और सटीक निशाने के लिए जाना जाता है. ऐसे में रफाल का हिन्दुस्तानी एयरफोर्स में शामिल होना बहुत अहम है. रफाल को लेकर चर्चा तो पिछले कई बरस से सुनते आए हैं और सियासी बवाल भी इस नाम पर खूब हुआ है लेकिन राफेल किस हद तक ताकत रखता है और क्यों हैं ये खास ये जानना भी बेहद जरूरी है। तो जानिया राफेल की बड़ी ख़ूबियों के बारे में.
राफेल दुनिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू जहाज़ में शुमार है. राफेल सैकड़ों किलोमीटर तक अचूक निशाना लगा सकता है. राफेल हवा से हवा में और हवा से जमीन में निशाना लगाने की ताकत है. वैसी ताकत फिलहाल चीन और पाकिस्तान दोनों की ही एयरफोर्स के किसी भी एयरक्राफ्ट में नहीं है, जिसके चलते हिंदुस्तान इन दोनों मुल्कों से कहीं आगे निकल जाता है.
राफेल में बिल्ड की गई मिसाइलें इसे सबसे अलग लड़ाकू जहाज़ बनाती हैं. राफेल में लगी है मीटियॉर मिसाइल. मीटियॉर मिसाइल हवा से हवा में मार कर सकती है. इसकी मारने की सलाहियत 150 किलोमीटर है, यानी यह मिसाइल 150 किलोमीटर दूर मौजूद दुश्मन पर भी निशाना लगा सकती है. इसका मतलब है कि रफाल बिना मुल्क की सरहद पार किए ही दुश्मन के जहाज़ को गिरा सकता है.
राफेल में दूसरी मिसाइल है- स्काल्प मिसाइल. स्काल्प की सलाहियत 600 किलोमीटर है, यानी मीटियॉर से भी कहीं ज्यादा. वहीं तीसरी मिसाइल है हैमर मिसाइल. हिन्दुस्तानी हवाई फौज ने इस एयरक्राफ्ट की ताकत को बढ़ाने के लिए फ्रांस से हैमर मिसाइल भी खरीदा है. अभी इस मिसाइल के लिए ऑर्डर प्रोसेस किया जा रहा है. चीन के साथ चल रहे तनाज़े के बीच हिन्दुस्तान ने यह फैसला लिया है.
हैमर मिसाइल की मारने की सलाहियत 60-70 किलोमीटर है. HAMMER एक मीडियम रेंज की हवा से जमीन में मार कर सकने वाली मिसाइल है. इसे फ्रांस की एयरफोर्स और नेवी के लिए डिज़ाइन और डेवलप किया गया था.
भारत से 59 हजार करोड़ रुपये के सौदे में फ्रांस से खरीदे गए 36 विमानों में से पांच विमानों की ये पहली खेप भारत पहुंची है. राफेल विमान, फ्रांस से भारत के बीच लगभग 7 हजार किमी की दूरी तय कर करके यहां आए हैं.
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