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नई दिल्ली: 20 लाख करोड़ के इक्तेसादी पैकेज के ऐलान के बाद वज़ीरे खज़ाना निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पैकेज की जानकारी दे रही हैं. वज़ीरे खज़ाना आज खुदकफील हिंदुस्तान मुहिम पैकेज की पांचवीं और आखिरी किस्त के ऐलान कर रही हैं.
- गांवों में मज़दूरों के लिए काम कमी ना हो इसलिए मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ दिए जाएंगे. बजट में 61 हजार करोड़ रुपए मनरेगा के लिए फंड पहले ही दिया जा चुका है.
- सेहत के शोबे में नए रिफॉर्म किए जाएंगे. ब्लॉक लेवल पर पब्लिक हेल्थ लैब और अस्पताल बनाए जाएंगे. देहाती सतह पर ऐसी सहूलियात देने की ज़रूर है जो महामारी के वक्त में लड़ने की अहल हो.
- दिवालिया कार्यवाही के लिए थ्रेसोल्ड लिमिट ₹1लाख से बढ़ाकर ₹1करोड़ कर दी गई है. इससे एमएसएमई सेक्टर को फायदा होगा, कंपनियों को छोटी-मोटी खिलाफवर्ज़ी करने पर मुजरिमाना मामलों में नहीं घसीटा जाएगा. इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को फरोग मिलेगा.
- पीएम ई-विद्या प्रोग्राम की शुरूआत की गई है. इसके तहत डिजिटल ऑनलाइन प्रोग्राम लॉन्च किए जाएंगा. दीक्षा स्कूल एजुकेशन के लिए वन नेशन वन डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा. हर जमात में बच्चों की पढाई के लिए एक अलग से चैनल होगा. कक्षा एक से 12 तक के लिए वन क्लास वन चैनल के तहत चैनल लॉन्च किए जाएंगे. माज़ूर तलबा के लिए स्पेशल ई-कंटेंट मुहैया कराए जाएंगे और तालीम के शोबे में रेडियो का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
- कई बिजनेस लॉकडाउन में बुरी तरह मुतास्सिर हुए हैं. कोई भी लोन की बकाया रकम कंपनियों के पास पड़ी है और कोरोना वायरस की वजह से वह नहीं दे पा रहे हैं तो वह डिफॉल्ट में नहीं शामिल किया जाएगा. इसका फायदा MSME's को मिलेगा. कंपनियों के लिए 1 साल तक कोई दिवालिया प्रोसेस नहीं शुरू की जाएगी. छोटी और दरमियाना सनअतों के लिए एक स्पेशल दिवालिया प्रोसीजर लाए जाएंगे.
- पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज पॉलिसी का ऐलान किया जाएगा. खोस शोबों में पब्लिक सेक्टर काम करते रहेंगे लेकिन प्राइवेट कंपनियां भी लगभग सभी सेक्टर में हिस्सा ले सकेंगीं. नोटिफाइड सेक्टर में पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज काम करेंगे. कम से कम एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी नोटिफाई सेक्टर में काम करेगी लेकिन इसमें प्राइवेट कंपनियों को भी इजाज़त दी जाएगी. स्ट्रैटेजिक सेक्टर का ऐलान अलग से होगी जिसमें मैक्सिमम 4 पब्लिक कंपनियां काम करेंगी. पब्लिक सेक्टर कंपनियों के निजीकरण का फैसला मार्केट को देख कर लिया जाएगा.
- रियासती हुकूमतों को मदद दी जाएगी. पहले भी दी गई है. कोरोना महामारी के चलते रियासती हुकूमतें भी अपने रेवन्यू में कमी देख रही हैं. मरकज़ ने 46038 करोड़ रुपए अप्रैल महीने में रियासती हुकूमतों को दिए.
- गरीबों को इक्तेसादी तौर पर मदद दी जा रही है. उनको गेहूं देकर उनकी मदद की जा रही है. दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में दे दी गईं. मैं FCI, NAFED और सूबों मज़बूद कोशिशों की सराहना करती हूं जिन्होंने लॉजिस्टिक की इतनी बड़ी चुनौती के बाद भी इतनी ज्यादा मात्रा में दालें और अनाज बांटा.
- ईपीएफओ के ज़रिए लोगों की मदद की गई. 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को सिलेंडर दिए गए. वर्कर के लिए ट्रेन का इंतेज़ाम किया गया. मज़दूरों को लाने ले जाने के लिए ट्रेन पर जो खर्च आया उसका 85फीसद मरकज़ी हुकूमत ने दिया. लोगों की जिंदगी हमारे लिए पहली तरजीह है. इसलिए हमने मदद की है.
- वज़ीरे खज़ाना ने बताया कि 15,000 करोड़ रुपए की हेल्थ स्कीम का ऐलान किया जा चुका है. जिनमें से 4113 करोड़ सूबों को दे दिए गए हैं. 3750 करोड़ रुपए के एसेंशियल आइटम्स के लिए, 550 करोड़ रुपए टेस्टिंग लैब्स और किट्स में खर्च हुए. हेल्थ वर्कर्स के लिए 50 लाख रुपए का बीमा दिया गया.
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