प्रियंका गांधी आगरा के लिए रवाना; रास्ते में गाड़ी रोककर सड़क हादसे में जख्मी महिला को दिया first aid
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प्रियंका गांधी आगरा के लिए रवाना; रास्ते में गाड़ी रोककर सड़क हादसे में जख्मी महिला को दिया first aid

आगरा में पुलिस हिरासत में एक दलित के मौत के बाद उसके परिजन से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को पुलिस ने पहले लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर रोका लिया था, लेकिन बाद में चार लोगों सहित उन्हें आगरा जाने की इजाजत दी गई. 

प्रियंका गांधी आगरा के लिए रवाना; रास्ते में गाड़ी रोककर सड़क हादसे में जख्मी महिला को दिया first aid

लखनऊः आगरा के एक थाने के मालखाने से नकदी चुराने के आरोपी की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत के बाद उसके परिजन से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को पुलिस ने पहले लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर रोका था, लेकिन अब वह आगरा रवाना हो गई हैं. उन्हें चार लोगों के साथ जाने की अनुमति मिली है. प्रियंका के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू तथा वरिष्ठ पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम आगरा जा रहे हैं. वहीं रास्ते में एक सड़क हादसे में जख्मी महिला को देखकर प्रियंका ने अपनी गाड़ी रुकवाई और जख्मी महिला की मलहम-पट्टी करने के बाद आगे के सफर के लिए रवाना हुईं. 

कानून व्यवस्था का हवाला देकर रोका गया था प्रियंका का काफीला 
पुलिस आयुक्त डी. के. ठाकुर ने बताया था कि आगरा के जिलाधिकारी ने लखनऊ पुलिस से लिखित अनुरोध किया था कि राजधानी से आगरा आने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं को कानून-व्यवस्था के मद्देनजर वहां न आने दिया जाए. उन्होंने कहा कि इसी कारण कांग्रेस महासचिव और उनके साथ जा रहे अन्य लोगों को लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ सीमा के अंदर ही रोक दिया गया था लेकिन बाद में वहां कार्यकर्ताओं की भीड़ देखते हुए उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया था. कुशीनगर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जब प्रियंका को रोके जाने की बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है. कानून के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. 

उप्र सरकार को डर किस बात का है?
रास्ते में रोके जाने के बाद प्रियंका ने ट्वीट किया था कि अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई है. उनका परिवार न्याय मांग रहा है. मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं. उप्र सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है? आज भगवान वाल्मीकि की जयंती हैं, प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें की, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं. प्रियंका ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि किसी को पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है? आगरा पुलिस की हिरासत में अरुण वाल्मीकि के मौत की घटना निंदनीय है. भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है. उच्चस्तरीय जांच, पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले.

घर की तलाशी के दौरान आरोपी की हुई मौत 
गौरतलब है कि आगरा के जगदीशपुरा थाने से के मालखाने से 25 लाख रुपये की चोरी के आरोप में वहां सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी. आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज ने बताया कि मंगलवार की रात अरुण की निशनदेही पर चोरी के पैसे बरामद करने के लिए उसके घर की तलाशी ली जा रही थी, उसी दौरान आरोपी की तबियत बिगड़ने लगी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत लाया हुआ घोषित कर दिया. इस घटना के संबंध में आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान अरुण के घर से 15 लाख रुपये बरामद हुए हैं.

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