कोरोना की जांच के लिए पहली स्वदेशी टेस्टिंग किट तैयार,एक हफ्ते में 1 लाख किट बनाने का दावा

 पुणे की माय लैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस कंपनी ने यह दावा किया है.टेंस्टिंग किट से अब तक किए गए जांच के नतीजे सटीक रहे हैं.एक टेस्टिंग किट से 100 लोगों की जांच होने का दावा किया गया है

कोरोना की जांच के लिए पहली स्वदेशी टेस्टिंग किट तैयार,एक हफ्ते में 1 लाख किट बनाने का दावा

नई दिल्ली : हिंदुस्तान में पहली मुल्की टेस्टिंग किट की प्रोडक्शन शुरू हो गया है. ये देसी किट मुल्क में बनने वाली टेस्टिंग किट से 75 फीसद सस्ती है.कंपनी ने एक हफ्ते में 1 लाख किट बनाने का दावा किया है.बता दें ये वही किट है जिसका बेसब्री से इंतजार पिछले कई दिनों से पूरा मुल्क कर रहा था.कोरोना वायरस की जांच के लिए पहली स्वदेशी टेस्टिंग किट तैयार हो चुकी है.

बता दें कि पुणे की माय लैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस कंपनी ने यह दावा किया है.टेंस्टिंग किट से अब तक किए गए जांच के नतीजे सटीक रहे हैं.एक टेस्टिंग किट से 100 लोगों की जांच होने का दावा किया गया है.पैथॉलॉजी से जुड़े जानकार भी मानते हैं कि कोरोना वायरस के स्वदेशी किट मार्केट में आने से हमें अमेरिका और दूसरे यूरोपीय देशों पर इनहिसार खत्म होगा.

कोरोना वायरस से निपटने के स्वदेशी किट पर हुकूमत की भी नजर है..हेल्थ मिनिस्टर डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि टेस्टिंग किट की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है..इस बीच एम्स दिल्ली के डायरेक्टर ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में दावा किया है कि आने वाले दिनों में क्लोरोक्वाइन नाम की दवा जिसे मलेरिया के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है.उससे कोरोना वायरस से जुड़े कुछ मामलों के इलाज किए जा सकते हैं.

गौरतलब है कोरोना नाम के इस खौफनाक वायरस से निपटने के हिंदुस्तान के वादे को इस स्वदेशी हथियार से सबसे बड़ी मदद मिलने वाली है क्योंकि अब कोरोना छिप कर हिंदुस्तानियों पर वार नहीं कर पाएगा.

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