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नई दिल्ली: 1984 के सिख दंगों के मुजरिम और साबिक विधायक महेंद्र यादव की सनीचर को मंडोली जेल में कोरोना वायरस से मौत हो गई है. मंडोली जेल में कोरोना से मौत का यह दूसरा मामला है. इससे पहले कंवर सिंह नाम के मुजरिम की मौत भी इसी जेल में कोरोना वायरस से मौत हुई थी.
तिहाड़ जेल के डायरैक्टर जनरल संदीप गोयल के मुताबिक महेंद्र यादव तिहाड़ जेल की सब जेल मंडोली जेल में 10 साल की सज़ा काट रहे थे. उन्होंने बताया कि इसी जेल में कंवर सिंह नाम के एक कैदी की 15 जून को मौत हो गई थी. जिसके बाद जेल इंतेज़ामिया ने फौरी तौर पर उसकी बैरक में बंद सभी 29 कैदियों का कोरोना टेस्ट कराया था, जिनमें से 17 कैदियों में कोरोना की तस्दीक हुई थी जबकि12 की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.
उन्होंने आगे बताया कि नेगेटिव पाए जाने वाले सभी 12 कैदियों का 5 दिन बाद दोबारा टेस्ट किया गया. जिसमें 3 कैदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और तीन कैदियों में महेंद्र यादव भी शामिल था.
संदीप गोयल ने बताया कि 26 जून की शाम महेंद्र यादव की तबीयत खराब होने लगी जिसके बाद उन्हें फौरी तौर पर दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन हालात बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उन्हें लोकनायक अस्पताल रेफर कर दिया. अस्पताल में दाखिल करने के बाद महेंद्र के परिवार वालों ने तिहाड़ जेल इंतेज़ामिया से पुलिस सिक्योरिटी में किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने की मांग की. जिसकी मंजूरी देते हुए जेल इंतेज़ामिया ने आकाश हेल्थ केयर हॉस्पिटल द्वारका में पुलिस सिक्योरिटी के साथ दाखिल कराया. जहां इलाज के दौरान सनीचर 4 जुलाई को उनकी मौत हो गई.
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