Pakistan News: भारतीय सेना ने बुधवार की दैर रात पाक के नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए है. इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग स्पॉट पूरी मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है. इन ठिकानों की तस्वीरे 'रायटर' ऐजंसी ने शेयर की है.
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Pakistan News: भारतीय सेना के किए गए एयरस्ट्राइक के बाद मुरिदके के कई आतंकवादी ठिकाने तबाह हो गए है. बुधवार की देर रात भारत सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर तबातोड़ 24 मिसाइलें दागी है.
मर्कज तैयबा मुरिदके में है, जो लश्कर-ए-तैयबा का सबसे अहम ट्रेनिंग सेंटर है. यहां हथियारों की ट्रेनिंग, शारीरिक प्रशिक्षण, धार्मिक प्रचार और आतंकियों की कट्टरपंथी सोच बढ़ाने की कोशिश होती थी. इस जगह पाक के अलावा विदेशों से भी लोग ट्रेनिंग के लिए आते थे.
मर्कज पूरी तरह से तबाह
मर्कज में हर साल तकरीबन 1000 स्टूडेंस का अलग- अलग कोर्स में एडमिशन होता है. जानकारी के मुताबिक 26/11 मुंबई हमले के सभी आतंकवादियों को मुरिदके केंद्र में 'दौरा-ए-रिब्बत' यानी कि इंटेलजेनशी ट्रेनिंग दिया गया था. इसके साथ ही 26/11 हमले के अहम साजिशकर्ता कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा ने भी जकी-उर-रहमान लखवी के कहने पर इस केंद्र का दौरा किया था.
चार इमारतें तबाह
रायटर समाचार सेंस्था ने मर्कज की तस्वीरें शेयर की है, जिसमें दिखाया गया है कि भारतीय सेना की स्ट्राइक के बाद पूरा आतंकी ढांचा मलबे में तब्दील हो चुका है. शेखूपुरा ज़िले के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर उस्मान जलीसम ने रायटर को बताया कि भारत की स्ट्राइक में चार इमारतें ध्वस्त हुई हैं. उन्होंने कहा, "बुधवार की आधी रात भारत ने पहले दो मिसाइलें परिसर पर दागीं, और कुछ देर के बाद दो और मिसाइल से हमले किए गए. पूरे चार हमले दस मिनट से भी कम समय में हुए. इन हमलों में प्रशासनिक ब्लॉक, मस्जिद और दो इमारतें तबाह हो गई हैं."
मैक्सर टेक्नोलॉजीज के जरिये शेयर किए सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाया गया है कि मिसाइल स्ट्राइक में बहावलपुर और मुरिदके शहरों की जामिया मस्जिद और कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है. भारतीय सेना ने नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था.
इलाके में डर का माहौल
रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक मुरिदके के एक निवासी ने बताया कि रात 12:45 पर पहला ड्रोन हमला किया गया. ड्रोन हमले में प्रशासनिक दफ़्तर और मस्जिद की छत तबाह हो गई. उस वक्त ही एक अधिकारी छत पर बैठा था, जिसकी मौत हो गई. इसके साथ ही दूसरे निवासी ने कहा, "डर का माहौल फैल गया था, लोग खेतों और खुले स्थानों की ओर भाग गए थे. पूरी रात डर के साए में बीती."