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नई दिल्ली :निजामुद्दीन (Nizamuddin)तबलीगी जमात को लेकर कई मामलों का खुलासा हुआ है. इसी सिम्त में एक ख़बर सामने आ रही थी कि दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी के बावजूद मौलाना साद इसे खाली नहीं करना चाहता था।जिसके बाद खुद NSA अजीत डोवल आधी रात को मरकज़ में मौजूद लोगों को मनाने के लिए जाना पड़ा।ख़बर के मुताबिक वज़ीरे दाख़िला अमित शाह नेश्नल सिक्योरिटी एडवाइज़र अजीत डोभाल से अपील की थी कि वह जमात को मस्जिद खाली करने के लिए राजी करें।
आपको बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों ने मरकज़ में कोरोना जैसी महामारी का मैसेज सभी रियासतों और पुलिस को भेज दिया था.लेकिन मरकज़ के नहीं मानने पर NSA डोवल की समझाईश के बाद मरकज 27, 28 और 29 मार्च को 167 तबलीगी कारकुनान को हॉस्पिटल में एडमिट कराने पर सहमति जताई. डोवल की दखलंदाज़ी के बाद ही जमात लीडरान मस्जिद की भी सफाई को राजी हुए।ख़बर के मुताबिक तबलीगी जमात मरकज़ के लोगों से बात करने से पहले अजित डोवल मुस्लिम उलेमाओं के साथ मीटिंग कर चुके थे।
आपको बता दें कि इस पूरे मामले ने कोरोना से लड़ाई लड़ रही मरकज़ी और रियासती हुकूमतों की नींद उड़ गई है. इस प्रोग्राम से निकलकर लोग मुल्क के कई रियासतों में गए. जानकारी मिली है कि महाराष्ट्र के अहमदनगर से इस कार्यक्रम में 34 लोग शामिल हुए थे. पुलिस ने इन सभी लोगों को मंगलवार शाम को पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया था. सभी के ब्लड सैंपल कोरोना वायरस के जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 2 लोगों में कोरोना की तस्दीक हुई है.
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