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Gaza Fuel Crisis: गाजा पट्टी में रहने वाले लाखों लोगों के लिए हालात और भी बदतर हो गए हैं. कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर गाजा में ईंधन की भारी कमी की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर जल्द ही ईंधन की आपूर्ति नहीं की गई, तो वहाँ जनजीवन पूरी तरह ठप हो सकता है.
यह बयान जिनेवा से आया है और पांच महत्वपूर्ण संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है. गाजा में संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), UNRWA (जो फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों की मदद करता है.) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) काम करते हैं. इन एजेंसियों ने कहा कि ईंधन के बिना गाजा में कोई भी आवश्यक सेवा नहीं चल पाएगी. इससे अस्पताल, बेकरी, पेयजल आपूर्ति और एम्बुलेंस सेवाएं ठप हो जाएंगी.
गौरतलब है कि गाजा में पहले से ही खाद्य असुरक्षा, बिजली कटौती, गंदा पानी और हज़ारों बेघर परिवार जैसी समस्याएं हैं. अब ईंधन की कमी के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है. एजेंसियों ने कहा कि अगर ईंधन की आपूर्ति नहीं की गई, तो गाजा की 20 लाख से ज़्यादा की आबादी को भूख, बीमारी और मौत का ख़तरा हो सकता है.
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने ज़ोर देकर कहा कि संकट से निपटने का उनका काम तभी तक संभव है जब तक उनके पास ईंधन है. ईंधन खत्म होते ही वे राहत और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना बंद कर देंगे. इसका असर पूरे गाजा पर पड़ेगा. एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसी स्थिति अकाल जैसी आपदा का कारण बन सकती है. यह ख़ास तौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमारों के लिए ख़तरनाक है.
UN ने दी चेतावनी
इन एजेंसियों ने इज़राइल और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से गाजा में ईंधन और अन्य ज़रूरी राहत सामग्री की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की अपील की है. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इज़राइली सैन्य हमलों के कारण गाजा में मानवीय संकट पहले ही गहरा चुका है. ईंधन की इस कमी ने वहां की स्थिति को पूरी तरह से आपातकालीन बना दिया है.