'अपनी सूरत से खफा बैठे हैं हम', गुलाम हमदानी मुसहफी के शेर

Ghulam Hamdani Mashafi Poetry: गुलाम हमदानी मुसहफी उर्दू के बड़े शायर थे. गुलाम हमदानी का मुकाबला इंशा के साथ था. वह दिल्ली के करीब अकबरपुर में पैदा हुए. उनका बचपन अमरोहा में गुजरा. पढ़ें गुलाम हमदानी के शेर.

'अपनी सूरत से खफा बैठे हैं हम', गुलाम हमदानी मुसहफी के शेर
Source: ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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