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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जी23 नेताओं द्वारा चिट्ठी लिखे जाने के बाद से कांग्रेस पार्टी का मेरे साथ विवाद था. पार्टी कभी नहीं चहती थी आला कियादत पर कभी सवाल उठाया जाए या पार्टी कियादत को कोई मश्विरा दिया जाए. मैने कई बार पार्टी को सुझाव दिया, लेकिन एक बार भी बात नहीं मानी गई.
आपका रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ में है' के सवाल पर गुलाम आजाद ने कहा कि घर वालों ने घर छोड़ने पर मजबूर किया और जहां घर वालों को लगे कि यह आदमी नहीं चाहिए तो अकलमंदी खुद घर छोड़ने में है...जो शख्स अपनी स्पीच खत्म करने के बाद भरी सदन में उनसे(PM से) गले मिले, तो वे मिले हैं या मैं मिला हूं?'
#WATCH | Delhi: "I have been forced to leave my home by my own," says Ghulam Nabi Azad pic.twitter.com/i0UK80RahL
— ANI (@ANI) August 29, 2022
गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहले वे (जयराम रमेश) अपना DNA चेक करवाएं कि कहां के हैं और किस पार्टी से हैं, वह देखें कि उनका DNA किस-किस पार्टी में रहा है। बाहर के लोगों को कांग्रेस का अता-पता नहीं है. चापलूसी और ट्विट कर जिन्हें पद मिले अगर वे आरोप लगाएं तो हमें दुख होता है.
कांग्रेस पार्टी में चुनाव के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं कांग्रेस के लिए दुआ ही कर सकता हूं लेकिन कांग्रेस मेरी दुआ से ठीक नहीं होगी उसके लिए दवा चाहिए. अभी उसका डॉक्टर कंपाउंडर है. अभी कांग्रेस को स्पेशलिस्ट की जरूरत है.
गौरतलब है कि ग़ुलाम नबी आज़ाद ने शुक्रवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था. उन्होंने राहुल गांधी की कार्यशैली की ख़ास तौर से आलोचना की थी. आज़ाद ने आज भी पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पार्टी के काम करने के तरीक़े पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्होंने काम करने के तरीक़े को ही चुनौती दी थी, लेकिन पार्टी में अपने लिए किसी पद की मांग नहीं की थी.
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