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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के खेती कानून पर किसान और सरकार के बीच 7वें दौर की मीटिंग में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली है, जो अब तक की 6 मीटिंगों में कभी भी दिखी. दरअसल अपनी मांगो को लेकर सरकार से संघर्ष कर रहे 60 किसानों की प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई है जिन्हें सरकार ने पहली बार खड़े होकर श्रद्धांजलि दी है.
7वें दौर की मीटिंग शुरू होने से पहले केंद्र सरकार के मंत्रियों और किसानों ने उन किसानों को श्रद्धांजलि पेश करते हुए 2 मिनट का मौन रखा जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपनी जान गंवाई. कहा जा रहा है कि सरकार इस तरह के कदमों से किसानों का विश्वास जीतना चाहती है.
इससे पहले, 6वें दौर की बैठक के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने खुद किसानों के साथ लंगर बांटा था, जिसके बाद बैठक का रुख ही बदल दिया गया था. 6वें दौर की मीटिंग के दौरान सरकार ने किसानों की बिजली और पराली को लेकर 2 मांगा भी मानीं थी. उसके बाद 7वें दौर की मीटिंग की शुरूआत भी इस तरह के पॉज़िटिव कदम से हुई.
ज़राए के मुताबिक मीटिंग के दौरान सरकार एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर किसानों की एक बड़ी मांग को मान सकती है. यह देखने वाली बात होगी कि सरकार इस मांग को किस तरह पूरी करेगी. क्योंकि किसान सभी फसलों पर लिखित तौर पर एमएसपी देने की मांग कर रहे हैं. जबकि वर्तमान में सरकार सभी फसलों पर एमएसपी तय तो करती है लेकिन सिर्फ 2 फसलों पर ही MSP देती है.
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